
- लैक्टोजेन 1 किसी भी अन्य फ़ॉर्मूला के मुकाबले पचाने में आसान है।
- बाजार में उपलब्ध सबसे सस्ता फार्मूला है।
- शिशु की शौच के रंग में कोई बदलाव नहीं होता और ना ही किसी दुर्गंध की शिकायत होती है।
- अधिकांश शिशुओं को पेट मे दर्द की समस्या होती है।
- बच्चों में होने वाली क़ब्ज़ का कारण माना जाता है।
- लैक्टोजेन 1 में कोई प्रोबायोटिक्स नहीं है, जो कि बहुत जरूरी है।
इस बात में कोई दो राय नहीं है कि माँ का दूध बच्चे के लिए सर्वोत्तम है। लेकिन, कई मामलों में जहाँ किसी कारणवश स्तनपान उपलब्ध नहीं होता या शिशु के लिए माँ का दूध कम पड़ जाता है, तो माता-पिता को फार्मूला मिल्क पर निर्भर करना पड़ता है। फार्मूला मिल्क की उपलब्धता की बात करें, तो इनके विकल्पों से बाजार भरे पड़ें हैं। लेकिन, आपके शिशु के लिए कौन सा फार्मूला मिल्क सही रहेगा, यह एक बाल-रोग विशेषज्ञ ही बता सकता। पाठकों के आग्रह पर, हमने फार्मूला मिल्क की समीक्षा की एक श्रृंखला शुरू की है। इस श्रृंखला की शुरुआत हम, नेस्ले लेक्टोजेन इन्फेंट फार्मूला पाउडर स्टेज 1 की समीक्षा से शुरू करेंगे।
चीजें जो मुझे नेस्ले लेक्टोजेन इन्फेंट फार्मूला पाउडर स्टेज 1 में पसंद आई
पैकिंग
समीक्षा की शुरुआत हम इसकी पैकिंग से करना चाहेंगे। पैकिंग का नीले, गुलाबी, सुनहरी और सफेद रंग का मिश्रिण बहुत ही खूबसूरत लगता है। नेस्ले, वैसे भी एक विश्वसनीय ब्रांड है, तो आप इसे बेझिझक खरीद सकते हैं।

गत्ते की पैकिंग के सामने की ओर, ठीक ऊपर आपको नेस्ले का लोगो मिल जाएगा।

सच पूछिए, तो लोगो से ही एक माँ की उसके बच्चे के प्रति अथाह स्नेह की एक झलक मिल जाती है।

एक पंछी, अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ घोंसले में बैठा ऐसा लग रहा है, मानों माँ अपने बच्चों को दाना खिला रही हो। यह दृश्य बहुत ही सुन्दर लगता है।
लोगो के ठीक नीचे, आपको लेक्टोजेन 1 की खरीदी गई स्टेज के बारे में जानकारी मिल जाएगी।

इसके नीचे, आपको इस बारे में जानकारी मिल जाएगी कि यह फार्मूला मिल्क कितनी उम्र के बच्चे के लिए ठीक है।

हमने स्टेज 1 फार्मूला मिल्क खरीदा है, और यह स्टेज 6 महीनों तक के बच्चे के लिए ठीक है।
सामने की ओर ही पैकिंग के ठीक नीचे आपको बड़े-बड़े अक्षरों में एक महत्वपूर्ण सुचना मिल जाएगी।

माँ का दूध आपके बच्चे के लिए सर्वोत्तम है। वास्तव में यह एक बहुत ही आवश्यक जानकारी है। उम्मीद है, आप जानते ही होंगे कि नवजात शिशु को पहले 6 महीने तक माँ के दूध के अलावा कुछ नहीं दिया जाना चाहिए।
पैकिंग की दाईं ओर इस फार्मूला मिल्क को बनाने के लिए इस्तेमाल की गई चीजों के बारे में जानकारी है। इन सब पर हम आगे चल कर विस्तार से चर्चा करेंगे।

इसके नीचे आपको इससे मिलने वाले पोषक तत्वों के बारे में जानकारी मिल जाएगी। इनके बारे में भी हम विस्तार से बात करेंगे। पैकिंग की बाईं ओर आपको इस फार्मूला मिल्क की पैकिंग को खोलने के बाद पाउडर को कैसे सुरक्षित रखना है, इस विषय में जानकारी मिल जाएगी।

नेस्ले द्वारा बार-बार इस बात पर जोर दिया गया है कि माँ का दूध सर्वोत्तम है।

आप देख सकते हैं कि पैकिंग के इस हिस्से पर भी यह लिखा गया है कि नेस्ले भी मानता है कि माँ का दूध शिशु के लिए सबसे बढ़िया है और जिस शिशु को पहले दो साल तक अच्छा पोषण मिला हो, वह शिशु सारी उम्र अन्य बच्चों से शारीरिक एवं मानसिक रूप से बेहतर रहता है।
पैकिंग के पीछे की ओर आपको आहार तालिका मिल जाएगी। इस तालिका से आपको पता चल जाएगा कि कितने महीने के बच्चे को कितना फार्मूला देना है और कितनी बार देना है।
बहुत ही बढ़िया तरीके से पहले, दूसरे, तीसरे एवं चौथे सप्ताह के बारे में, और फिर दूसरे, तीसरे,चौथे, पाँचवें एवं छठे महीने के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।
आहार तालिका के नीचे, फार्मूला मिल्क को बनाने एवं इसको पिलाने के तरीके से जुड़ी चेतावनियों के बारे में वर्णन किया गया है।इन सूचनाओं के बारे में हम आगे चलकर विस्तार से बात करेंगे।
पैकिंग की इसी तरफ ठीक दाईं ओर फार्मूला मिल्क को बनाने की विधि भी दी गई है। इसके बारे में भी हम आगे चलकर चर्चा करेंगे।
गत्ते की पैकिंग के ऊपर की ओर नेस्ले लेक्टोजेन इन्फेंट फार्मूला पाउडर स्टेज 1 की कीमत एवं समय समाप्ति की तिथि के बारे में जानकारी दी गई है।

आप देख सकते हैं कि हमारे द्वारा खरीदा गया पैक नवंबर 2018 में पैक किया गया था और नवंबर 2019 में इसकी वैधता खत्म हो जाएगी। एक बार पैकेट खोलने के बाद आपको इसे 3 सप्ताह या समय समाप्ति की तिथि से पहले इसको इस्तेमाल कर लेना चाहिए।
इस्तेमाल की गई सामग्री
अब हम नेस्ले लेक्टोजेन इन्फेंट फार्मूला पाउडर स्टेज 1 को बनाने में इस्तेमाल की गई सामग्री पर चर्चा करते हैं। जैसा कि आप नीचे दिए गए चित्र में देख सकते हैं कि इसे कई चीजों को मिलाकर बनाया गया है।

इसमें ठोस दूध, मिल्क सॉलिड्स, डिमिनरलाइज्ड मट्ठा, सोयाबीन ऑयल, कॉर्न ऑयल, मिनरल्स (कैल्शियम साइट्रेट, सोडियम साइट्रेट, पोटेशियम फॉस्फेट डिबासिक, मैग्नीशियम क्लोराइड, सोडियम क्लोराइड, फेरस सल्फेट, जिंक सल्फेट, कप्रिक सल्फेट, मैंगनीज सल्फेट, पोटेशियम आयोडाइड और सोडियम सल्फेट)। (सोया लेसिथिन), विटामिन (सोडियम एस्कॉर्बेट, डीएल-अल्फा-टोकोफेरील एसीटेट, निकोटिनमाइड, कोलीन बिटारेट, कैल्शियम पैंटोथेनेट, थायमिन मोनोनिट्रेट, पाइरिडोक्सिन हाइड्रोक्लोराइड, राइबोफ्लेविन, रेटिनिल एसीटेट, फॉलिक एसिड, फाइटिसमेन, फाइटाइलमेन, फाइटिसमेन, फैटी एसिड) टॉरिन, अम्लता नियामक (साइट्रिक एसिड और पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड) और एल- कार्निटाइन जैसी चीजों का इस्तेमाल किया गया है।
फार्मूला मिल्क से मिलने वाली चीजें
अब हम फार्मूला मिल्क से मिलने वाली चीजों के बारे में बात करते हैं। लेक्टोजेन 1 से एक शिशु को पर्याप्त मात्रा में वसा, खनिज, विटामिन मिल जाता है। अगर आप पैकिंग के दाईं ओर देखेंगे, तो आपको इस विषय में विस्तार से जानकारी मिल जाएगी।
बाहरी पैकिंग पर बहुत ही बढ़िया तरीके से इस विषय में विस्तार से बताया गया है कि प्रति 100 ग्राम से लेक्टोजेन 1 पाउडर से आपको कितना वसा मिलेगा।

आप दर्शाए गए चित्र में देख सकते हैं कि 100ग्राम पाउडर से आपको कुल मिलाकर 23 ग्राम वसा अर्थात फैट मिल जाएगा। इन 23 ग्राम में 12 ग्राम मिल्क फैट, 10.7 ग्राम संतृप्त वसा अम्ल, 4.0 ग्राम मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड, 4.5 ग्राम पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड, 0.8 ग्राम ट्रांस फैटी एसिड एवं 25 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल है।
इसके बाद बारी आती है मिनरल्स अर्थात खनिजों की। फैट्स के ठीक नीचे खनिजों के बारे में जानकारी दी गई है।

प्रति 100 ग्राम पाउडर से आपको 300.00 मिलीग्राम कैल्शियम,150.00 मिलीग्राम फास्फोरस, 250.00 मिलीग्राम क्लोराइड, 30.00 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 0.28 मिलीग्राम कॉपर, 2.50 मिलिग्राम जस्ता, 14.00 मिलिग्राम सेलेनियम, 170.00 मिलिग्राम सोडियम, 470.00 मिलीग्राम पोटेशियम, 53.00 माइक्रोग्राम मैंगनीज, 5.00 मिलिग्राम लोहा, एवं 74.00 माइक्रोग्राम आयोडीन मिल जाता है।
अब हम लेक्टोजेन 1 से मिलने वाले विटामिनों के बारे में बात करते हैं। खनिजों के नीचे, प्रति 100 ग्राम लेक्टोजेन 1 से मिलने वाले विटामिनों की बात की गई है।

प्रति 100 ग्राम पाउडर से आपको 390.00 µgRE विटामिन ए, 50.00 मिलिग्राम विटामिन सी, 5.25 माइक्रोग्राम विटामिन डी, 3.33 mgTE विटामिन ई, 45.00 माइक्रोग्राम विटामिन के, 0.34 मिलिग्राम थियामिन, 0.70 मिलिग्राम रिबोफ्लेविन, 3.20 मिलिग्राम नियासिन, 2.10 मिलिग्राम पैंटोथेनिक एसिड, 70.00 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड, 0.38 मिलिग्राम विटामिन बी 6, 12.50 माइक्रोग्राम बायोटिन, 1.00 माइक्रोग्राम विटामिन बी 12, 49.00 मिलिग्राम चोलिन, 32.00 मिलिग्राम टॉरिन 5.9 मिलिग्राम एल- कार्निटाइन मिल जाएगा।
आहार तालिका
गत्ते की पैकिंग पर दी गई आहार तालिका एक बहुत ही अच्छी और मददगार चीज है। मेरा आपसे निवेदन हैं कि इस आहार तालिका को संभाल कर रखे लें। अक्सर ऐसा देखा गया है कि गत्ते की पैकिंग से पाउडर को बाहर निकालने के बाद गत्ते की पैकिंग को व्यर्थ समझ के फेंक दिया जाता है।

इस वजह से सबसे जरूरी जानकारी भी नष्ट हो जाती है और बाद में फार्मूला मिल्क बनाने में समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए बेहतर है कि जैसे ही पाउडर को पैकिंग से बाहर निकाला जाए, इस आहार तालिका को संभल कर रख लिया जाए।
गत्ते की पैकिंग के अंदर की पैकिंग
नेस्ले लेक्टोजेन इन्फेंट फार्मूला पाउडर स्टेज 1 खराब न हो, इसलिए गत्ते की पैकिंग के अंदर भी एक पैकिंग दी गई है। यह बहुत ही अच्छी और फार्मूला मिल्क को हवा से बचाए रखने में काफी मददगार साबित होती है।

इस पैकिंग के ऊपर भी “फार्मूला मिल्क को कैसे सुरक्षित रखा जाए”, इस विषय में जानकारी प्रिंट की गई है।

पैकिंग पर आपको इस पैकिंग को डिब्बे में पैकिंग समेत ही रखने की सिफारिश भी की गई है। आपको पाउडर को किसी कंटेनर में नहीं निकलना है, बल्कि पाउडर को पैकिंग समेत ही डिब्बे में रखना है।
यह पचाने में बहुत आसान है
इससे पहले मैंने जो फार्मूला मिल्क इस्तेमाल किया था, वह मेरे शिशु को पचाने में काफी परेशानी हुई थी। इस वजह से मेरे शिशु को पेट गैस की समस्या का सामना भी करना पड़ा था।
लेकिन, नेस्ले लेक्टोजेन इन्फेंट फार्मूला पाउडर स्टेज 1 पचाने में बहुत ही आसान है। इसे देने के बाद मेरे शिशु ने किसी तरह की असुविधा का कोई संकेत नहीं दिया और उसे यह फार्मूला मिल्क आसानी से हज़म भी हो गया था।
यहाँ तक कि उसकी शौच में भी मुझे कोई परिवर्तन नहीं दिखा। इससे पहले मैंने जो फार्मूला मिल्क उसे दिया था, उसे पीने के बाद न केवल मेरे शिशु को पेट गैस की समस्या होने लगी थी, बल्कि उसकी शौच में से बहुत बुरी दुर्गन्ध भी आने लगी थी। जैसे ही मैंने उस दूध को लेक्टोजेन 1 से बदला, मेरी दोनों समस्याओं का हल हो गया।
अब क्योंकि यह आसानी से पच जाता था, तो शिशु को फार्मूला मिल्क की निर्धारित मात्रा देना मेरे लिए ज्यादा आसान हो गया। जाहिर सी बात है कि अगर पहला फीड पचेगा ही नहीं, तो शिशु दूसरी बार दूध मांगता ही नहीं है।
नेस्ले लेक्टोजेन इन्फेंट फार्मूला पाउडर स्टेज 1 के बारे में विस्तृत जानकारी का वीडियो
फार्मूला मिल्क बनाने की विधि
नेस्ले लेक्टोजेन इन्फेंट फार्मूला पाउडर स्टेज 1 की बाहरी गत्ते की पैकिंग पर से आपको इसे बनाने की विधि भी मिल जाएगी। यह बहुत ही मददगार जानकारी है।
बनाने के लिए आपको सबसे पहले साफ पानी से अपने हाथ धो लेने हैं। ध्यान रहें, गंदे हाथों से अगर आप फार्मूला मिल्क बनाएगे, तो इससे बच्चे को संक्रमण हो सकता है।

इसलिए फार्मूला मिल्क बनाने से पहले, न केवल अपनी बल्कि उन बर्तनों की भी सफाई का ध्यान रखें, जिनमें फार्मूला मिल्क बनाया जाना है। ऐसे में आप जिस बर्तन में फार्मूला मिल्क बनाएगे एवं जिस कटोरी और चमच से फार्मूला मिल्क पिलाएंगे, सब को स्टेरिलाइज़ जरूर कर लें।
इसके बार आपको साफ पानी लेना है और उसे 5 मिनट तक उबालना है।

उबलने के बाद इससे गुनगुना होने तक छोड़ देना है। जैसे ही पानी गुनगुना हो जाए, आपको आहार तालिका के हिसाब से इसमें पाउडर (साथ मिले चमच का इस्तेमाल करके) मिलाना है।

बेहतर रहेगा कि आप कोई ऐसी बोतल या पारदर्शी जार ले लें, जिसमें मिलीलीटर अंकित किए गए हों। इससे आपको फीड बनाने में कोई गलती नहीं होगी।
आहार तालिका के हिसाब से निर्धारित मात्रा में पाउडर मिलाने के बाद मिश्रण को अच्छे से हिला लें। ध्यान रखें कि बनाए गए फार्मूला मिल्क में गांठें नहीं पड़नी चाहिए।

फिर तैयार दूध को स्टेरिलाइज़ की गई कटोरी और चमच से अपने शिशु को पिलाएं। आप चाहे, तो बोतल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। लेकिन, बाल-रोग विषेशज्ञों का मानना है कि दूध की बोतल का इस्तेमाल करना नवजात शिशुओं को होने वाली गैस का सबसे बड़ा कारण है। बोतल से दूध पीते समय बच्चे के मुंह में हवा चली जाती है, जिससे उसे गैस हो जाती है।
अगर आप कटोरी चमच की जगह बोतल का इस्तेमाल करती हैं, तो बोतल एवं निप्पल को भी इस्तेमाल से पहले स्टेरिलाइज़ जरूर कर लें।
जितना दूध बच्चा छोड़ दे, उसे दुबारा इस्तेमाल न करें और उसे नष्ट कर दें। आपको हर बार फार्मूला मिल्क नए सिरे से तैयार करना है।
लैक्टोजेन 1 फार्मूला बनाम अन्य फॉर्मूला दूध
| नेस्ले लैक्टोजन स्टेज 1 | नेस्ले नैन प्रो इन्फेंट 1 | एनफैमिल ए + स्टेज 1 | डेक्सोलैक प्रीमियम 1 | |
| कैलोरी(100 मिलीलीटर प्रति किलो कैलोरी) | 487 | 492 | 530 | 511 |
| वसा(प्रति 100 मिली ग्राम) | 23.0 | 23.7 | 29.0 | 27.0 |
| प्रोटीन(प्रति 100 मिली ग्राम) | 10.7 | 10.7 | 11.2 | 12.0 |
| कार्बोहाइड्रेट(प्रति 100 मिली ग्राम) | 56.0 | 58.9 | 59.3 | 55.0 |
| डीएचए | ||||
| फोलिक एसिड (100 मिली प्रति कु) | 95 | 90 | 70 | 90 |
| लोहा(प्रति 100 मि.ग्रा) | 9.5 | 6.0 | 5.0 | 8.0 |
| कैल्शियम(प्रति 100 मि.ग्रा) | 410 | 270 | 300 | 405 |
| जस्ता(प्रति 100 मि.ग्रा) | 3.70 | 3.20 | 2.50 | 3.50 |
नेस्ले लेक्टोजेन इन्फेंट फार्मूला पाउडर स्टेज 1 बनाने की विधि के बारे में विस्तृत जानकारी का वीडियो
चीजें जो मुझे नेस्ले लेक्टोजेन इन्फेंट फार्मूला पाउडर स्टेज 1 में पसंद नहीं आई
सारी जरूरी जानकारी गत्ते की पैकिंग पर ही है
लेक्टोजेन 1 की पैकिंग में सारी जरूरी जानकारी गत्ते की पैकिंग पर ही दे दी गई गई और अंदर की पैकिंग पर सिर्फ फार्मूला मिल्क को सुरक्षित रखने से जुड़ी जानकारी दी गई है। यह बात मुझे बेहद असुविधाजनक लगी।
चाहे दूध को बनाने की विधि हो, आहार तालिका हो या इस्तेमाल की गई सामग्री से जुड़ी जानकारी हो, हर चीज सिर्फ गत्ते की पैकिंग पर है। एक बार, यह पैकिंग आप फेंक देते हैं, तो आपके पास इस जरूरी जानकारी का कोई अन्य विकल्प नहीं बचता।
ज्यादा बेहतर होता, अगर कंपनी इन जरूरी जानकारियों को किसी चिपकने वाले स्टीकर के रूप में देती।
लैक्टोजेन 1 में कोई प्रोबायोटिक्स नहीं है
हालांकि, अन्य ब्रांडों के समान लैक्टोजेन 1 में भी बच्चे के विकास के लिए आवश्यक सभी मूल पोषक तत्व हैं,परंतु, इस फार्मूला मिल्क में प्रोबायोटिक्स नहीं है जो मूल रूप से एक अच्छा बैक्टीरिया होने के साथ शरीर के लिए एक जरूरी खमीर भी है। लैक्टोजेन की पैकिंग पर इसके बारे में कुछ नहीं कहा गया है।
हवा-बंद डिब्बे में नहीं आता
अन्य फ़ॉर्मूला ब्रांडों की तरह एक हवा-बंद डिब्बे में नहीं आता।

एक बार जब आप प्लास्टिक की थैली को खोल लेते है, तो आपको इसे एक ऐसे कंटेनर में रखना पड़ता है, जिसमे हवा न जाती हो। आपको अलग से एक कंटेनर लेना ही पड़ता है।
अंत में, मैं यह कहना चाहूंगी कि जब बात शिशु के किसी फ़ॉर्मूला से पेट भरने की या पचाने की आती है तो हर शिशु अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया करता है और शिशुओं का ऐसा करना बहुत ही स्वाभाविक भी है। मैं यह साफ कर देना चाहती हूँ कि ऐसा कतई नही है कि अगर कोई चीज़ मेरे शिशु के लिए बेहतर साबित हुई, तो वो आपके शिशु के लिए भी अनुकूल होगी। फार्मूला दूध चुनने से पहले आपको इस बात का खास ध्यान रखना होता है कि क्या वह दूध आपके बच्चे के अनुकूल है भी यह नहीं?
असल में आपको फ़ॉर्मूला के साथ तब तक प्रयोग करते रहना पड़ेगा जब तक आप एक ऐसे विकल्प तक नहीं पहुँच जाते जो आपके शिशु के पेट के लिए पूरी तरह से उपयुक्त ना हो और साथ ही आपका शिशु उसे पीने में आनंद ना दिखाए।
फार्मूला दूध के बारे में और अधिक जानकारी
लैक्टोजन 1 शिशु फार्मूला फ़ॉर्मूला पर बेहतरीन डील
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