- यह पाउडर सभी पोषक तत्वों से भरपूर है।
- पचाने में आसान (मेरे शिशु की कोई समस्या नहीं हुई)।
- इसे देने के बाद मेरे बच्चे ने गैस, कब्ज इत्यादि जैसे कोई लक्षण नहीं दिखाए।
- यह टिन कंटेनर में आता है, इसलिए अतिरिक्त कंटेनर खरीदने की कोई आवश्यकता नहीं है।
- हर महत्वपूर्ण जानकारी कंटेनर पर है।
- दिशानिर्देश पुस्तिका बहुत प्रभावशाली है।
- अन्य उपलब्ध विकल्पों की तुलना में, यह एक महंगा विकल्प है।
- साथ आने पुस्तिका केवल अंग्रेज़ी में है।
- डिब्बे से चमच निकालने के लिए आपको संघर्ष करना पड़ता है।
फार्मूला मिल्क समीक्षाओं की अपनी श्रृंखला को जारी रखते हुए, आज हम एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला की समीक्षा करना चाहेंगे। शुरू करने से पहले, हम आपसे यह निवेदन करना चाहेंगे कि यह समीक्षा, एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला के बारे में हमारी निजी राय है और इसे किसी मेडिकल सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी फार्मूला मिल्क शुरू करने से पहले अपने बाल रोग विशेषज्ञ की सहमति लेना अनिवार्य होता है।
चीजें जो मुझे एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फ़ॉर्मूला में अच्छी लगी
पैकिंग
हमेशा की तरह, हम अपनी समीक्षा की शुरुआत पैकिंग से करना चाहेंगे। जैसा आप देख ही रहें है कि एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला को टिन के कनस्तर में पैक किया गया है।

पाउडर के डिब्बे को सुनहरी रंग दिया गया है और इस पर छपी सारी जरूरी जानकारी नीले रंग में है।
डिब्बे के सामने की ओर, आपको एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला की ब्रांडिंग मिल जाएगी।

सबसे ऊपर आपको एनफ़ामिल का लोगो मिल जाएगा। लोगो के ठीक नीचे दाईं ओर आपको इस फार्मूला मिल्क की स्टेज के बारे में जानकारी मिल जाएगी।

हमने स्टेज 1 एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला खरीदा है, जो कि 6 महीने तक के बच्चे के लिए उचित है। इसलिए, हमारे द्वारा खरीदे गए डिब्बे पर बड़े अक्षरों में स्टेज 1 लिखा गया है।
जरुर पढ़ें – लैक्टोजन 1 शिशु फार्मूला फ़ॉर्मूला – इस्तेमाल करने के बाद समीक्षा
सामने की ओर, पैकिंग के ठीक नीचे, आपको नीले रंग में एक खास जानकारी दी गई है।

“महत्वपूर्ण सुचना: माँ का दूध आपके बच्चे के लिए सर्वोत्तम है।” हम आशा करते हैं, आप जानते ही होंगे कि नवजात शिशु को पहले 6 महीने तक माँ के दूध के अलावा कुछ नहीं दिया जाना चाहिए। लेकिन अगर किसी वजह से माँ का दूध उपलब्ध नहीं है या कम है, तो आपके पास फार्मूला मिल्क पर निर्भर रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।

इस फार्मूला मिल्क में इस्तेमाल हुई सभी चीजों पर हम आगे चलकर विस्तार से चर्चा करेंगे। पैकिंग के ठीक पीछे, आपको इस फार्मूला मिल्क को बनाने की सही विधि मिल जाएगी।

बनाने की विधि और बनाते समय किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए, इस विषय पर भी हम आगे चलकर विस्तार से बात करेंगे।
पैकिंग के बाईं ओर आपको एक आहार तालिका दिखेगी। यह बहुत ही जरूरी जानकारी है।

इस तालिका पर भी हम आगे चलकर विस्तार से बात करेंगे।
डिब्बे के नीचे इसकी कीमत, पैकिंग तिथि एवं वैधता के बारे में जानकारी दी गई है।

आप देख सकते हैं कि हमारे द्वारा खरीदी गई पैकिंग 03 मई 2018 को पैक की गई थी और आप इसे 03 मई 2020 तक इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन, एक बार अगर आप इसकी पैकिंग खोल देते हैं, तो आपको इसे एक महीने के भीतर ही खत्म करना होता है।
पैकिंग में मिली पुस्तिका
एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला पाउडर के प्लास्टिक के ढक्कन के अंदर आपको बहुत ही सुन्दर तरीके से प्रकाशित की गई महत्वपूर्ण जानकारियों से भरपूर एक छोटी सी पुस्तिका भी मिलेगी।

इस पुस्तिका में, DHA और ARA के बारे में जानकारी के अलावा, स्तनपान से जुड़ी बहुत सी महत्वपूर्ण जानकारियों का वणर्न किया गया है। हमारा आपसे निवेदन है कि अगर आप अंग्रेजी जानती हैं, तो एक बार इस पुस्तिका को जरूर पढ़ें। इसमें दी गई जानकारी काफी लाभप्रद है।
इस्तेमाल की गई सामग्री
पैकिंग के दाईं ओर आपको इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री के बारे में जानकारी मिल जाएगी।

एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला में दूध ठोस, खाद्य वनस्पति तेल (कम इरुसिक वाले रेपसीड, ताड़ के तेल, नारियल, और मकई), मोर्टिरेला अल्पना से आर्किडोनिक एसिड (ARA), क्रिप्टोएकोडिनियम कोहनी से डोकोसैक्सिनोइक अम्ल एसिड, खनिज, लेसितिण, विटामिन, मकई सिरप ठोस, पोटेशियम हाइड्रोजन और पोटेशियम हाइड्रोजन साइट्रेट, कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड, टॉरिन, न्यूक्लियोटाइड्स, और एस्कॉर्बिल पामिटेट, जैसी चीजों का इस्तेमाल किया गया है।
DHA एवं ARA की उपस्थिति
सामने की ओर ही आपको एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला में FAO/WHO (संयुक्त राष्ट्र का खाद्य और कृषि संगठन/विश्व स्वास्थ्य संगठन) द्वारा DHA (डोकोसैक्सिनोइक एसिड) + ARA (एराकिडोनिक एसिड) की निर्धारित मात्रा होने की पुष्टि मिल जाएगी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह दोनों एसिड बच्चे के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए बहुत बढ़िया है। इसके अलावा, एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला से आपके बच्चे को कोलाइन और एवं आयरन की निर्धारित मात्रा भी मिल जाएगी।
यह फार्मूला मिल्क पचाने में आसान है
इससे पहले मैंने अपने शिशु के लिए जिस फार्मूला मिल्क का इस्तेमाल किया था, उसे पचाने में मेरे शिशु को काफी समस्या हुई थी। पचाने के अलावा बच्चे को गैस एवं कब्ज जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा था।
जरुर पढ़ें – पिजन पेरिस्टालिक निप्पल – इस्तेमाल करने के बाद समीक्षा
लेकिन, एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला पाउडर पचाने में आसान है। इसे शुरू करने के बाद, मेरे शिशु की यह सभी समस्या दूर हो गई थी।
सीलबंद पैकिंग
एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला पूरी तरह से सीलबंद (टिन के) कनस्तर में आता है। इसलिए, इस उत्पाद में किसी प्रकार की मिलावट का कोई अंदेशा नहीं रहता।

आप देख सकते हैं कि प्लास्टिक के ढक्कन के नीचे, डिब्बे पर एक (एलुमिनियम से बनाया गया) सीलबंद कवच दिया है।

इसे खोलने के लिए, सामने की ओर एक पत्ती जैसी परत दी गई है।

डिब्बे को पूरी तरह से खोलने के लिए आपको इस परत को उठाना है और पीछे की ओर खींचना है।

जरूरत के हिसाब से, आप इसे पूरा या अधूरा खोल सकते हैं।

यह सील बहुत ही अच्छी चीज है। इसकी वजह से किसी तरह की मिलावट या पाउडर की मात्रा से छेड़छाड़ होने की कोई आशंका नहीं रहती।
हवा-बंद ढक्कन
सील के अलावा, एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला का डिब्बा हवा-बंद ढक्कन के साथ आता है।

इस ढक्कन के ऊपर, पाउडर के चरणों (स्टेजों) के बारे में बहुत ही खूबसूरती सी जानकारी दी गई है।

ऊपर दिए गए चित्र में आप देख सकते है कि स्टेज 1 के नीचे लिखा गया है कि यह 6 महीनों के बच्चे के लिए ठीक है। 6 महीने से 12 महीने के बच्चे के लिए आपको स्टेज 2 खरीदना है। इसी तरह से 12 से 24 महीने के शिशु के लिए स्टेज 3 और 2 साल से बढ़े बच्चे के लिए स्टेज 4 खरीदना है।
उम्मीद है आप जानते होंगे कि अगर फार्मूला मिल्क हवा के संपर्क में आता है, तो खराब हो जाता है। इसलिए, आपसे निवेदन है कि इस्तेमाल के बाद, इस हवा-बंद ढक्कन को लगाना न भूलें।
टिन का कनस्तर
एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला पाउडर टिन के कनस्तर में आता है। यह बहुत ही बढ़िया बात है।

आपको इसे सुरक्षित रखने के लिए अलग से कोई डिब्बा नहीं खरीदना पड़ता। इससे पहले मैंने जिस फार्मूला मिल्क का इस्तेमाल किया था, वह गत्ते की पैकिंग में उपलब्ध था। पैकिंग को फेंकने के बाद मुझे अलग से एक कनस्तर खरीदना पड़ा था। लेकिन, एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला पाउडर के मामले में ऐसी कोई परेशानी नहीं हुई।
आहार तालिका
टिन की पैकिंग के बाई ओर दी गई आहार तालिका बहुत मददगार जानकारी है। जब भी आप अपने शिशु के लिए दूध बनाए, इस आहार तालिका का अनुसरण करें।

शुरूआती दिनों में माता-पिता को यह नहीं पता होता कि दूध बनाने के लिए कितना पानी लेना है, कितने चमच दूध का पाउडर मिलाना है और कितनी बार दूध देना है। यह सारी जानकारी आपको इस आहार तालिका से मिल जाएगी।
सभी जरुरी जानकारी डिब्बे पर ही है
इससे पहले मैंने जिस फार्मूला मिल्क की समीक्षा की थी, वह गत्ते की पैकिंग में आता है। एक बार पैकिंग खोलने के बाद, आमतौर पर उपभोक्ता इस पैकिंग को फेंक देते हैं, जिससे सभी जरूरी जानकारियां भी नष्ट हो जाती है।

लेकिन, एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला पाउडर टिन के कनस्तर में आता है। इसलिए, सभी जरूरी जानकारी इस डिब्बे पर ही लिखी रहती है।
एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला के बारे में विस्तृत जानकारी का वीडियो
चीजें जो मुझे एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फ़ॉर्मूला पाउडर में पसंद नहीं आई
कीमत
एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला पाउडर की कीमत बाजार में उपलब्ध अन्य फार्मूला मिल्क की तुलना में थोड़ी ज्यादा है। इसलिए यह आपके मासिक बजट पर असर डाल सकती है। वैसे भी, अगर आप पूरी तरह से फार्मूला मिल्क देती हैं, तो 6 महीने तक के बच्चे को आपको एक दिन में 3 से 5 चमच पाउडर का इस्तेमाल करके 5 से 8 फीड देने ही पड़ते हैं। ऐसे में, यह पाउडर एक महीने से ज्यादा नहीं चलता। मुझे लगता है कि एक मध्यम स्तर की आय वाले परिवार के लिए यह महंगा है।
चमच खोजने में काफी मेहनत करनी पड़ती है
हालांकि इस फार्मूला मिल्क के डिब्बे में आपको पाउडर नाप कर डालने के लिए प्लास्टिक से बना एक चमच मिल जाता है, लेकिन इसे बाहर निकालने में आपको काफी मेहनत करनी पड़ती है। यह पाउडर में काफी नीचे तक छिपा रहता है। पहले मुझे लगा था कि शायद इसमें चमच है ही नहीं और पैकिंग पर भी कही इस बात का कोई जिक्र नहीं किया गया है। लेकिन, फिर डिब्बे को खंगलाने पर यह चमच मिला। ध्यान रखें, पाउडर की सही खुराक नापने के लिए, इस चमच का होना बहुत जरूरी है।
जरुर पढ़ें – एक्यूश्योर नों-कांटेक्ट थर्मामीटर #FR 800 – इस्तेमाल करने के बाद समीक्षा
पैकिंग में मिली पुस्तिका सिर्फ अंग्रेजी में
एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला पाउडर के प्लास्टिक के ढक्कन के अंदर रखी गई महत्वपूर्ण जानकारियों वाली पुस्तिका सिर्फ अंग्रेजी भाषा में है। इस पर छापी गई जानकारी बहुत बढ़िया है, लेकिन क्योंकि यह सिर्फ अंग्रेजी में है, तो इससे उन उपभोक्ताओं की कोई लाभ नहीं मिलेगा, जो अंग्रेजी नहीं जानते। कंपनी को चाहिए कि इसे अन्य प्रचलित भाषाओँ में भी जरुर छापे।
एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फार्मूला बनाम अन्य फॉर्मूला दूध
| एनफैमिल ए + स्टेज 1 | नेस्ले लैक्टोजन स्टेज 1 | नेस्ले नैन प्रो इन्फेंट 1 | डेक्सोलैक प्रीमियम 1 | |
| कैलोरी(100 मिलीलीटर प्रति किलो कैलोरी) | 530 | 487 | 492 | 511 |
| वसा(प्रति 100 मिली ग्राम) | 29.0 | 23.0 | 23.7 | 27.0 |
| प्रोटीन(प्रति 100 मिली ग्राम) | 11.2 | 10.7 | 10.7 | 12.0 |
| कार्बोहाइड्रेट(प्रति 100 मिली ग्राम) | 59.3 | 56.0 | 58.9 | 55.0 |
| डीएचए | ||||
| फोलिक एसिड (100 मिली प्रति कु) | 70 | 95 | 90 | 90 |
| लोहा(प्रति 100 मि.ग्रा) | 5.0 | 9.5 | 6.0 | 8.0 |
| कैल्शियम(प्रति 100 मि.ग्रा) | 300 | 410 | 270 | 405 |
| जस्ता(प्रति 100 मि.ग्रा) | 2.50 | 3.70 | 3.20 | 3.50 |
फार्मूला मिल्क बनाने की विधि
एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फ़ॉर्मूला पाउडर की पैकिंग से आपको इसे बनाने की विधि भी मिल जाएगी। यह बहुत ही मददगार जानकारी है।

बनाने के लिए आपको सबसे पहले साफ पानी से अपने हाथ धो लेने हैं। गंदे हाथों से फार्मूला मिल्क बनाने का अर्थ है अपने नवजात शिशु को संक्रमण के खतरे में डालना।
इसलिए फार्मूला मिल्क बनाने से पहले, दूध बनाए जाने वाले बर्तन, दूध पिलाने वाली बोतल और बोतल पर लगाए जाने वाले निप्पल को स्टेरिलाइज़ (उबाल कर कीटाणु रहित) करना बिल्कुल न भूलें।
इसके बाद साफ पानी लें और इसे 5 मिनट तक उबालना है। आहार तालिका के मुताबिक आपको 90 मिलीलीटर गुनगुना पानी लेना होता है। लेकिन, हमारा सुझाव है कि उबालने के 90मिलीलीटर से थोड़ा ज्यादा पानी लें क्योंकि पानी उबलने के बाद भाप बनकर उड़ भी जाता है। इसलिए बेहतर रहेगा कि आप पहले ही 100 मिलीलीटर के करीब पानी लें।
उबलने के बाद इससे कमरे के तापमान पर आने तक ढक कर रख दें।
जैसे ही पानी कमरे के तापमान पर आ जाता है, इसमें आहार तालिका के हिसाब से एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला पाउडर मिला लें। बेहतर रहेगा कि आप एक पारदर्शी बोतल या जार लें, जिस पर मिलीलीटर अंकित किए गए हों। इससे आपको फीड बनाने में कोई गलती नहीं होगी।
पाउडर मिलाने के लिए, पैकिंग के साथ मिले चमच का ही उपयोग करें। इससे आपको पाउडर की सही मात्रा लेने में कोई परेशानी नहीं होगी।

इसके साथ आए चमच पर भी ब्रांडिंग बहुत खूबसूरती से की गई है।

मेडजोह्न्सोन की ब्रांडिंग बहुत ही सुन्दर लगती है।
आहार तालिका के हिसाब से निर्धारित मात्रा में पाउडर मिलाने के बाद मिश्रण को अच्छे से हिला लें।ध्यान रखें कि बनाए गए फार्मूला मिल्क में गांठें नहीं पड़नी चाहिए।
एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला बनाने की विधि के बारे में विस्तृत जानकारी का वीडियो
फिर तैयार दूध को स्टेरिलाइज़ (उबाल कर कीटाणु रहित) की गई बोतल में डाल दें। शिशु को दूध देने से पहले, अपनी हथेली के उल्टे हिस्से पर थोड़ा सा दूध डाल कर इसकी गर्माहट जांच लें। सब कुछ सुनिश्चित करने के बाद ही, अपने बच्चे को दूध पिलाएं।
कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां

- एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला पाउडर को बिना डॉक्टरी सलाह के न दें। इससे शिशु को नुकसान हो सकता है। फार्मूला मिल्क का चुनाव बहुत ध्यान से करना चाहिए। बेहतर है कि डॉक्टर से पूछ से कर ही कोई फार्मूला मिल्क शुरू किया जाए।
- जितना दूध बच्चा बोतल में छोड़ दे, उसे दुबारा इस्तेमाल न करें और उसे नष्ट कर दें। आपको हर बार फार्मूला मिल्क नए सिरे से तैयार करना है।
- दूध को गर्म करने के लिए माइक्रोवेव का भूलकर भी इस्तेमाल न करें।
- अगर प्लास्टिक के ढक्कन के भीतर लगी एलुमिनियम की सील खुली हो, तो इस फार्मूला मिल्क की पैकिंग को खरीदने से मना कर दें।
- दूध बनाने के बाद इसे फ्रिज इत्यादि में स्टोर न करे क्योंकि ऐसा करने से दूध खराब हो सकता। फार्मूला मिल्क तैयार करने के एक घंटे के भीतर इसे इस्तेमाल करना जरुरी है।
- यह फार्मूला मिल्क समय से पहले जन्मे बच्चों (premature) के लिए नहीं है। यदि आपके बच्चे के जन्म 9 महीने से पहले हुआ है, तो उसके लिए उपयोगी फार्मूला जानने के लिए अपने डॉक्टर/बाल रोग विशेषज्ञ से बात करें।
- एक बार पैकिंग खुल जाने के बाद, आपको इसे एक महीने के अंदर ही खत्म करना होता है।
कुछ लोगों का कहना है कि जब इस फार्मूला मिल्क को बनाया जाता है, तो इसमें पाउडर के कुछ कण रह जाते हैं। निजी तौर पर, मेरा ऐसा कोई अनुभव नहीं था। जब मैंने इसे बनाया था, तो ऐसा कुछ भी नहीं था। लेकिन अगर आप उबाले गए पानी को ज्यादा ठंडा कर देंगे और फिर पाउडर मिलाएंगे, तो हो सकता है की पाउडर पूरी तरह से न घुले और कण छोड़ जाए।
जैसा हमने अपनी अन्य फार्मूला मिल्क की समीक्षाओं में भी इस बात पर जोर दिया है कि अलग-अलग बच्चे, अलग-अलग ब्रांडों के फार्मूला मिल्क को दिए जाने पर अलग-अलग रूप से प्रतिक्रिया देते हैं। ऐसा नहीं है कि अगर इसे पचाने में मेरे शिशु को कोई परेशानी नहीं आई थी, तो आपके शिशु को भी नहीं आएगी।
फार्मूला दूध वही सही माना जाता है, जो आपके बच्चे के लिए ठीक हो अर्थात जिसे पचाने में उसे कोई परेशानी न हो, जिसकी वजह से उसे गैस या कब्ज जैसी समस्या न हो और सबसे महत्वपूर्ण बात, उसे उस दूध से पूरा पोषण मिले।
इसलिए, आपको बाजार में उपलब्ध तकरीबन सभी फार्मूला मिल्क से तब तक प्रयोग करते रहना पड़ेगा, जब तक आप सही विकल्प तक नहीं पहुँच जाते। ध्यान रखें, जब आप एक फार्मूला मिल्क ब्रांड से दूसरे पर जाते हैं, तो आपको काफी धैर्य से काम लेना पड़ता है क्योंकि फार्मूला मिल्क बदलने से आपके बच्चे को भी परेशानी होती है। उसका शरीर हर नए आहार के अनुकूल होने में थोड़ा समय लेता है।
एनफ़ामिल ए + इन्फेंट फॉर्मूला पर बेहतरीन डील
Do you need more help?
क्या आपको और मदद चाहिए?
- Write a Review
- Write a Comment
- Ask a Question
User Rating
सबसे पहले अपना अनुभव बाँटे।
Important: Please consider uploading a proof of product with your review. It can be product photo or proof of purchase. Reviews with a verified proof of purchase have a verified user badge, leading to a great credibility and experience.
महत्वपूर्ण: कृपया अपनी समीक्षा के साथ उत्पाद का सबूत अपलोड करें। वह उत्पाद की फोटो या खरीद का प्रमाण हो सकता है।
Be kind to others. False language, promotions, personal attacks, and spam will be removed.Ask questions if any, by visiting Ask a Question section.
दूसरों के प्रति उदार रहें, अभद्र भाषा का प्रयोग ना करें और किसी भी तरह का प्रचार ना करें।
यदि कोई प्रश्न हो तो, अपना प्रश्न पूछें सेक्शन पर जाएं।










