बच्चों की भूख को बढ़ाने के आसान उपाय

1840
User Rating
(0 reviews)
READ BY
Improve Your Baby's Appetite By Doing These Things
Improve Your Baby's Appetite By Doing These Things
Photo Credit: resist via photopin (license)

Shruti Singh

A proud mom to a beautiful little baby girl, learning the art of parenting one day at a time. Experiencing the joys of being a mom for the first time. Excited and anxious about the journey. Takes being a stay-at-home mom as a challenge and there's nothing she would change about it.

Read this article in English
यह लेख English में पढ़ें।

बच्चे किस भोजन को पसंद करते हैं और किसे नहीं, यह समझना बहुत ही मुश्किल है। बहुत से माँ-बाप अक्सर इस बात की शिकायत करते हैं, उनके बच्चे का खाने को लेकर स्वाद प्रतिदिन बदलता ही रहता है अर्थात जिस एक चीज़ को उसने एक रात पहले बहुत खुश होकर खाया था, उसी चीज़ को अगले दिन वह देखना भी पसंद नहीं करता। मैंने भी अपने बच्चे के मामले में, इस समस्या को झेला है। मैं यह भी मानती हूँ कि मेरी तरह अन्य लोगों ने भी इस समस्या का सामना किया होगा। मैंने इस विषय में अपने बाल रोग विशेषज्ञ से भी चर्चा की थी और उन्होंने मुझे बताया कि इसमें घबराने जैसा कुछ नहीं है क्योंकि यह सिर्फ एक चरण है। उनके मुताबिक अगर बच्चा पर्याप्त दूध ही पी लेता है, तो उसके भोजन न करने की इच्छा में कोई समस्या नहीं है। लेकिन अगर आपको लगता है कि बच्चे ने कुछ भी नहीं खाया और उसे फिर भी कोई भूख नहीं है, तो यह चिंता का कारण है। ऐसे मामले में आपको जल्द से जल्द अपने बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। लेकिन इन सबके अलावा, बच्चों की भूख को बढ़ाने के कुछ आसान उपाय भी हैं, जिनका इस्तेमाल करके आप इस समस्या का कुछ हद तक हल कर सकते हैं। आइए इन आसान उपायों के बारे में बात करते हैं।

1जल बहुत ज़रूरी है

बहुत से लोग यह नहीं जानते कि पानी में भूख को बढ़ाने की एक अजीब ताकत होती है। बच्चे को भोजन के कम से कम आधा घंटा पहले पीने के लिए पानी दिए जाने पर न केवल उसकी भूख बढ़ेगी, बल्कि उसके पाचन में भी सुधार होगा। पानी को पाचन रस और एंजाइम को सक्रिय करने के लिए जाना जाता है, जिससे आपका बच्चा भूखा महसूस करता है और खाने की इच्छा ज़ाहिर करता है।

इसलिए, जैसे ही आपका बच्चा सुबह उठता है, उसे सबसे पहले पानी पीने के लिए दें। इससे आप उसकी खाने की इच्छा में एक निश्चित परिवर्तन देखेंगे।

जरूर पढ़े – मेरे बच्चे का वजन क्यों नहीं बढ़ रहा और इसके बारे में मैं क्या कर सकती हूँ ?

2सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे के आयरन का स्तर ठीक हो

शरीर में आयरन की कमी न केवल बच्चों बल्कि वयस्कों की भूख को भी प्रभावित करती है अर्थात जब शरीर में आयरन की मात्रा कम होगी, तो भूख न लगने जैसी शिकायत होगी। इसके अलावा, शरीर में आयरन की कमी बच्चे में एनीमिया होने का खतरा भी बढ़ा देती है। ध्यान रखें, अगर आपका बच्चा 9 वर्ष से कम उम्र का है, तो उसके शरीर को प्रतिदिन 7 से 10 मिलीग्राम आयरन की ज़रूरत होती है।

इसकी कमी न हो, इसलिए आपको आयरन से समृद्ध खाद्य पदार्थ जैसे कि हरी सब्जियां (प्रमुख तौर पर पालक), अंडे, और दालें रोजाना दें। अगर यह सब न भी हो सके, तो आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप प्रतिदिन कम से कम एक अंडा (किसी भी रूप में जैसे आपका बच्चा पसंद करता हो) उसे खाने को अवश्य दें। इसके अलावा, यदि आप विटामिन सी युक्त आयरन संबंधी खाद्य पदार्थ देते हैं, तो यह दोनों के अवशोषण को बढ़ाने में मदद करेगा।

3अपने बच्चे को हर घंटे कुछ खाने को दें

हम में से बहुत से लोग दिन में सिर्फ 3 बार भोजन करने की गलती करते हैं अर्थात जो भोजन की मात्रा हमें 6 या इससे ज़्यादा अंतरालों में लेनी चाहिए थी, वह हम तीन चरणों में ले लेते हैं। लेकिन, हमें ऐसा नहीं करना चाहिए। बच्चे हों या व्यस्क, हमें भोजन की निर्धारित मात्रा को 6 या उससे ज़्यादा के अंतरालों में बाँट देना चाहिए। ऐसा करने से न केवल भोजन को पचा पाना आसान हो जाता है, बल्कि भूख भी बनी रहती है

इसलिए हर 2 से 3 घंटे बाद अपने बच्चे को भोजन, फल, स्नैक्स (snacks), जूस इत्यादि देते रहें। इससे न केवल उसका पेट भरा रहेगा, बल्कि उसे खेलने-कूदने और दिन भर की गतिविधियों के लिए पर्याप्त ऊर्जा मिलती रहेगी।

इसके साथ ही, आपको यह याद रखना चाहिए कि दिन में तीन बार भर पेट खिलाने से उसकी भूख नहीं बढ़ेगी, बल्कि आहार को छोटे-छोटे अंतरालों में देने से उसे फायदा होगा। स्नैक्स (snacks) के तौर पर आप

और मूंगफली इत्यादि भी शामिल कर सकते हैं क्योंकि यह न केवल भूख को बढ़ाने में सहायक होते हैं, बल्कि प्रोटीन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का भी एक बड़ा स्रोत होते हैं।

जरूर पढ़े – मेरा बच्चा पेट भरकर भोजन नहीं खाता। मैं क्या करूँ ?

4भोजन को अलग-अलग तरीकों से बनाने का प्रयास करें

मेरे लिए यह तरीका बहुत ही मददगार साबित हुआ। मैंने यह अपनी बहन से सीखा था। वह खाने के साथ हमेशा रचनात्मकता उपयोग करती रहती है। अगर आपका बच्चा परांठा या चपाती नहीं खाना चाहता, तो कोई अन्य विकल्प ढूंढें जैसे कि जैम के साथ। मैं भी यही करती हूँ। अगर मेरी बेटी साधारण रोटी नहीं खाना चाहती, तो मैं उसे रोटी पर

लगा कर देती हूँ और वह ख़ुशी से खा भी लेती है।

अन्य बच्चों की तरह, मेरी बेटी को भी पिज़्ज़ा बहुत पसंद है। इसलिए, जब बात उसे उबली हुई सब्जियां खिलाने की आती है, तो मैं चपाती को ही पिज़्ज़े का रूप दे देती हूँ अर्थात चपाती को पिज्जा के आकार में काटकर और उस पर पनीर फैला कर और उबली हुई सब्जियां डालकर उसे दे देती हूँ। हालांकि वह चपाती कई बार छोड़ देती है, लेकिन सब्जियां खुश हो कर खा लेती है।

अगर आपका भी कोई प्रश्न हो, तो हमारे विशेषज्ञ से पूछें।

इसलिए, आप जितनी रचनात्मकता

दिखा सकते हैं, अवश्य दिखाएं क्योंकि ऐसा करने से न केवल आप उसे खाने के लिए प्रोत्साहित कर पाएंगे, बल्कि उसकी भूख को भी बढ़ा पाएंगे।

क्या आपने भी इस समस्या का सामना किया था? ऐसे में, आपने इस समस्या का समाधान कैसे किया? हमें अपने अनुभव के बारे में अवश्य बताएं कि कैसे आपने अपने बच्चे की भूख को बढ़ाया।

Do you need more help?

क्या आपको और मदद चाहिए?

  • Write a Comment
  • Write a Review
  • Ask a Question
Mom's Cuddle Comment Policy
Be kind to others. False language, promotions, personal attacks, and spam will be removed.
Ask questions if any, by visiting Ask a Question section.
टिप्पणी करने की नीति
दूसरों के प्रति उदार रहें, अभद्र भाषा का प्रयोग ना करें और किसी भी तरह का प्रचार ना करें।
यदि कोई प्रश्न हो तो, अपना प्रश्न पूछें सेक्शन पर जाएं।
{{ reviewsOverall }} / 5 User Rating (0 reviews)
How helpful was this article?
What people say... Write your experience
क्रमबद्ध करें

सबसे पहले अपना अनुभव बाँटे।

Verified Review
{{{ review.rating_title }}}
{{{review.rating_comment | nl2br}}}

Show more
{{ pageNumber+1 }}
Write your experience

Your browser does not support images upload. Please choose a modern one

Latest Questions

A proud mom to a beautiful little baby girl, learning the art of parenting one day at a time. Experiencing the joys of being a mom for the first time. Excited and anxious about the journey. Takes being a stay-at-home mom as a challenge and there's nothing she would change about it.