अपने शिशु को डकार दिलवाए
यह बहुत जरूरी और उपयोगी उपाए है। कई मौकों पर यह देखा गया है कि बच्चे को दूध पिलाने के बाद एकदम लिटा दिया जाता है। जहाँ पर माताएँ स्तनपान नही करवाती और दूध की बोतल का इस्तेमाल होता है, वहाँ पर तो बच्चो को बिस्तर पर लेटे-लेटे ही दूध दे दिया जाता है। यह एक दम ग़लत तरीका है। आपको चाहिए की दूध पिलाने के बाद आप शिशु को डकार अवश्य दिलवाए।
डकार दिलवाने के लिए अपने शिशु को अपने कंधे पर इस तरह से उठाए कि उसकी ठोड़ी आपके कंधे के एकदम उपर हो। यहाँ पर इस बात का खास ध्यान रखे कि बच्चा आपकी दाहिनी ओर है। इस तरह से उसके अंदर के हवा के गुबारे आसानी से बाहर निकल जाएँगे और उसको गैस की शिकायत नहीं होगी।
डकार दिलवाने का एक और तरीका यह भी है की बच्चे को पेट के बल लिटा दिया जाए। ऐसा करने से सारा प्रेशर उसके पेट पर आएगा और गैस बाहर निकल जाएगी। पर याद रहे कि दूध पिलाने के एकदम बाद शिशु को उल्टा नहीं लिटाना है, बल्कि कुछ देर प्रतीक्षा करना जरूरी है।
बच्चो के लिए मालिश
रोज़ाना तौर पर की जाने वाली मसाज / मालिश, गैस से काफ़ी हद तक छुटकारा दिलवा सकती है। रोज़ की जाने वाले मालिश उसके शरीर को एक लचीलापन देगी और बच्चे को पेट की गैस से काफ़ी राहत देगी। इसके साथ ही उसको आप हल्की फुल्की कसरत भी करवा सकते है। अपने शिशु को पेट के बल लिटा दे और उसकी टाँगों को इस तरह से घुमाएँ जैसे साइकल चलाया जाता है। ऐसा करने पर भी उसके पेट पर प्रेशर आएगा और गैस बाहर निकल जाएगी। ऐसा करने से उन सब बेआरमियों से उसको आराम मिल जाएगा जो बदहज़मी की वजह से शिशु को झेलनी पड़ती है।
इसके अलावा, अगर आपका बच्चा 6 महीने से छोटा है, तो, मैं हींग का और सोया बीज के पानी का इस्तेमाल करने का सुझाव नहीं दूंगी। WHO के अनुसार, 6 महीने से पहले आपको अपने बच्चे को स्तनपान के अलावा कुछ नहीं देना चाहिए।
“आपको इस बात का खास ध्यान रखना है कि जब तक आपके शिशु की गर्भनाल झड़ नहीं जाती तब तक आपको अपने शिशु को नहलाना नहीं है। आप अगर चाहती है तो अपने शिशु को स्पंज बाथ दे सकती हैं, पर जहाँ तक पानी का सवाल है तो उसके लिए मेरे तरफ से तो “एक बड़ी ना” हैं। पानी को नकारे जाने का एक प्रमुख कारण है पानी से होने वाला संक्रमण (इन्फेक्षन)। अतः, अपने शिशु को तब तक पानी से दूर रखे जब तक उसकी गर्भनाल उतर नहीं जाती।
मैने यह ग़लती कर दी थी और मेरे शिशु की गर्भनाल इन्फेक्टेड हो गई थी। उसको ठीक करने के लिए मुझे उस पर नमक और पानी का घोल बना के लगाना पड़ा था। खैर, फिर गर्भनाल को झड़ने में एक महीना लगा और तब तक मैने अपने शिशु को सिर्फ़ स्पंज बाथ दिया।”
पूरा लेख पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें – नवजात शिशुओं में पेट की गैस की समस्या
अगर आपका शिशु बोतल से दूध पीता है, तो बढ़िया गुणवत्ता वाले निप्पल का इस्तेमाल करें। कई बार देखा जाता है कि बोतल के निप्पल का आकार ठीक न होने की वजह से, दूध पीते वक़्त, शिशु के शरीर में हवा प्रवेश कर जाती है। यही हवा गैस का कारण बनती है। इन निप्पलों के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए हमारा यह लेख पढ़े – पिजन पेरिस्टालिक निप्पल – इस्तेमाल करने के बाद समीक्षा