Papa mama bolta hai. Bus iske alawa kuch nhi bolta. Kya is bare mein dr. se suggestion lene ki jrurat hai ya nahi? Please help.
बोलने में देरी होना एक आम समस्या है। आपकी जानकारी के लिए बताना चाहूंगी कि जहां कुछ बच्चे 1 से 1.5 साल की उम्र में ही शब्दों को समझने और बोलने लगते हैं, वही दूसरी ओर कुछ ऐसे बच्चे भी हैं, जिनको उन्ही शब्दों को समझने और बोलने में अधिक समय लगता है। इसका सीधा संबंध विकास दर से है। हर बच्चे की विकास दर अलग होती है अर्थात आपके बच्चे की वृद्धि दर, उसी की उम्र के किसी अन्य बच्चे से मेल खाए, ऐसा जरूरी नहीं है।
आइए अब हम उन संकेतों की चर्चा करते हैं, जिनसे आप इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि मामला गंभीर है या नहीं –
संकेत, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि मामला गंभीर है या नहीं
- आपके बच्चे में संचार के रूप में चेहरे के भावों को उपयोग करने की क्षमता।
- आपका बच्चा उन चीजों की ओर इशारा करता है जो वह चाहता है, चाहे वह दूध की बोतल हो या कोई खिलौना।
- जब आप अपने बच्चे को उसके नाम से पुकारते हैं, तो वह आपको देखकर खुश होता है या आपकी ओर दौड़ने लगता है।
- जब कुछ अजीब होता है या कुछ ऐसा होता है जिसे वह समझ पाने में समर्थ होता है , तो आपका बच्चा हंस कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करता है।
- आपका बच्चा आपके निर्देशों को समझता है जैसे कि ऐसा मत करो, इसे उठाओ, इसे बाहर निकालों, यहां आओ, इधर बैठो इत्यादि।
- जब आपका बच्चा आपके द्वारा की गई कुछ चीज़ों की नक़ल करने लगता है, जैसे कि चूमना, गले लगाना इत्यादि
यदि आपका 2-2.5 वर्षीय बच्चा इन लक्षणों में से कोई भी दिखाता है, तो इसका मतलब है कि चिंता की कोई बात नहीं है।
डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए या नहीं
चाहे आपका बच्चा ऊपर दिए गए संकेत दिखाता है या नहीं, दोनों ही हालातों में किसी विशेषज्ञ से सम्पर्क करने में कोई बुराई नहीं है। मामले की गंभीरता को समझने में क्षेत्र के विशेषज्ञ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और सलाह दे सकते हैं कि किसी मेडिकल हस्तक्षेप की आवश्यकता है या नहीं अर्थात किसी इलाज की ज़रूरत है या नहीं।
इस विषय में आप हमारा लेख – बोलने में देरी – मेरे 2.5 साल के बच्चे ने अभी तक बोलना क्यों शुरू नहीं किया। क्यों? जरूर पढ़े।