Meri 1 year ki beti hai, kuchh mahine pahale woh din me 2 bar cerlec kha leti thi. But ab 1 baar bhi nahi khati hai. Use jabardasti khilana parta hai. Rone ke bad kabhi khati hai kabhi nahi. Usko namkin or chatpati chije hi pasand hai. But, wo bhi kewal 1 ya 1/2 spoon khati hai. Mai bahut pareshan hoon kya karu?
बच्चों के ठीक से न खाने के पीछे सबसे प्रमुख कारण है – आहार विविधीकरण की प्रक्रिया
ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि जब हम आहार-विविधीकरण की प्रक्रिया शुरू करते हैं अर्थात बच्चे को माँ का दूध देने के अलावा अर्ध-ठोस या ठोस चीजे देना शुरू करते हैं, तो उसके लिए यह अनुभव नया होता है। ऐसे में बच्चे आपसे उम्मीद करते हैं कि उसे हर वक़्त कोई नई चीज खाने को मिले।
खाने पीने के मामले में, बच्चे हम वयस्कों जैसे ही होते हैं। हम भी खाने-पीने की चीजों में विविधता चाहते हैं अर्थात हम भी एक ही दाल/सब्जी रोज नहीं खा सकते। लेकिन जब हमें अपना पंसदीदा भोजन दिया जाता है, तो हम उसे भूख न होने पर भी खा ही लेते हैं। बच्चों के मामलों में भी आपको ऐसा ही करना पड़ता है। अपने बच्चे की पसंद-नापसंद को समझे और उसको दिए जाने वाले भोजन में बदलाव करते रहें।
उदाहरण के तौर पर, जब मैं अपनी बेटी को उबली हुई सब्जियां देती हूँ, तो वह इसे खाने में बहुत नखरे करती है। लेकिन अगर मैं इन्ही सब्जियों में घर में बनाई गई सफ़ेद पास्ता सॉस डाल देती हूँ, तो वह बार-बार इसकी मांग करती है।
इनसे अलावा कुछ अन्य कारण, जैसे कि –
- ध्यान भटकाने वाली चीजों का उसके पास होना।
- व्यर्थ के स्नैक्स से पेट भरा होना।
- शारीरिक गतिविधि बहुत कम या न के बराबर होना, जिससे उसका भोजन पचने में समय लेता है और उसे भूख ही नहीं लगती।
- आहार में कुछ ऐसे चीजे देना, जो पचने में समय लेती है।
- उसे जबरदस्ती खिलाना।
इन सब चीजों को ठीक करने के कुछ बेहतरीन उपाय हैं। इनकी मदद से, आप न केवल उसकी भूख बढ़ा सकते हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका बच्चा कुपोषित न हो।
इन सबके बारे में ज्यादा जानने के लिए आप हमारे नीचे दिए लेख जरूर पढ़े –