शिशुओं में अलगाव के लक्षण, प्रभाव और उपचार

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Symptoms, Effects, And Treatments of Separation Anxiety in Babies
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Simranjit Kaur

Mother of one, Master of Education with specialization in child-psychology. After becoming mother, I met with real me. I am now learning new concepts of parenting every fresh day and sharing my experiences with other mothers. I believe, one of the most important things that you, as a parent, should work on is - your child's psychology. Understanding the child-psychology will help you build stronger bonds and know them better.

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जब छोटे बच्चे को माँ-बाप से अलग होना पड़ता है, तो उसका उदास होना एक आम समस्या है, लेकिन बहुत गंभीर है। 

यह आमतौर पर तब शुरू होता है, जब आप अपने 8 से 12 महीने के बच्चे को (काम की वजह से) अकेला छोड़ते हैं। ज्यादातर मामलों में जैसे ही आपका बच्चा दो साल का होता है, उसकी यह समस्या गायब हो जाती है। परन्तु, अगर 2 साल का होने के बाद भी आपका बच्चा अलगाव के लक्षण दिखाता है, तो आपको इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि अलगाव, बच्चे के मूड से जुड़ी समस्याओं को दर्शाता है। अमूमन, जो बच्चे शुरूआती दौर में अलगाव के संकेत दिखाते हैं, उनमें से एक तिहाई बच्चे वयस्क होने पर मानसिक विकारों से ग्रस्त पाए जाते हैं। इस लेख में हम आपको अलगाव के पीछे के कारणों के बारे में बताएंगे।

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जब कोई बच्चा अपने माता-पिता या देखभाल करने वाले से अलग होने पर उदास होने लगता है, तो उस स्थिति को अलगाव की स्थिति कहा जाता है। माता-पिता से अलग होना इस समस्या का मुख्य कारण माना जाता है।

अलगाव के लक्षण

  1. माता-पिता से अलग होने से इनकार करना।
  2. अत्यधिक रोना।
  3. माता-पिता के अलगाव से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने से इनकार करना।
  4. शारीरिक लक्षण जैसे कि सिरदर्द और उल्टी इत्यादि दिखाना।
  5. हिंसक व्यवहार और रोष इत्यादि दिखाना।
  6. स्कूल जाने से मना करना
  7. स्कूल में ठीक से प्रदर्शन न करना।
  8. अन्य बच्चों के साथ सही तरीके से बातचीत करने में असमर्थता दिखाना ।
  9. अकेले सोने से मना करना।
  10. लगातार बुरे सपने आना।

यदि आप अपने शिशु में ऊपर दिए गए लक्षणों में से कम से कम तीन लक्षण देखती हैं, तो वह अलगाव से पीड़ित हो सकता है।

अलगाव की वजह से पारिवारिक वातावरण पर पड़ने वाला प्रभाव

अलगाव पारिवारिक समस्याओं का कारण बन सकता है। जाहिर है, अलगाव की समस्या बच्चे के भावनात्मक और सामाजिक विकास को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है और इसी वजह से आपके बच्चे का कई क्षेत्रों में ठीक से विकास नहीं हो पाता।

  1. अलगाव की समस्या या बच्चे के नकारात्मक व्यवहार के कारण पारिवारिक गतिविधियाँ सीमित हो सकती हैं।
  2. जिन माता-पिता के पास पर्याप्त खाली समय नहीं है, वे अपने बच्चे के व्यवहार से निराश हो सकते हैं।
  3. अलगाव से पीड़ित बच्चे के भाई-बहनों को जलन हो सकती है क्योंकि इस समस्या से ग्रस्त बच्चे पर माता-पिता का ज्यादा ध्यान रहता है।

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अलगाव के लिए प्रभावी उपचार

ऐसी समस्या के लिए मनोचिकित्सा सबसे प्रभावी उपचार है। इसके अलावा, संज्ञानात्मक-व्यवहार चिकित्सा, जिसमें बच्चों को गहरी साँस लेने और शांत रहकर अलगाव की समस्या से निपटना सिखाया जाता है, भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस समस्या के इलाज में सिर्फ बच्चों को ही नहीं, बल्कि माता-पिता को भी सहयोग देना पड़ता है।

माता-पिता के लिए, इस संस्करण के तीन चरण हैं:

बच्चों से सीधा संवाद

पहला चरण, माता-पिता और बच्चों के बीच संबंधों की गुणवत्ता में सुधार लाने पर केंद्रित होता है। इसमें बच्चे की सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के लिए भावनात्मक गर्मजोशी, ध्यान और प्रशंसा इत्यादि जैसी तकनीकों को शामिल किया जाता है।

माता-पिता के साथ प्रत्यक्ष बातचीत

दूसरे चरण, माता-पिता को उन कारणों के बारे में शिक्षित करने से जुड़ा है, जिनके कारण बच्चा चिंतित महसूस करता है। मनोचिकित्सक को बच्चे में अलगाव पैदा करने वाले कारणों को क्रमबद्ध करके, उनको अंक देने चाहिए अर्थात जो कारण अलगाव को ज्यादा पैदा करता है, उसे अधिक अंक और जो कम करता है, उसे कम अंक। इसके साथ ही, यह भी तय करना चाहिए कि अगर बच्चा उन सभी कारणों में किसी भी कारण के होते हुए भी अलगाव व्यक्त करने के बजाय, सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाता है, तो उसे क्या पुरस्कार दिया जाएगा।

अगर आपका भी कोई प्रश्न हो, तो हमारे विशेषज्ञ से पूछें।

माता-पिता द्वारा निर्देशित बातचीत

तीसरा चरण माता-पिता द्वारा अपने बच्चे के साथ इस विषय में सीधी बात करने से जुड़ा होता है। ऐसा करने से, माता-पिता अपने बच्चे की मानसिक स्थिति के बारे में अच्छे से जान सकते हैं और उनके लिए अपने बच्चे को उसी समय नियंत्रित करना आसान हो जाता है, जब वह बच्चे के व्यव्हार में कोई ऐसा बदलाव देखते हैं, जो ठीक नहीं होता।

यह समस्या सुनने में जितनी साधारण लगती है, उतनी वास्तव में होती नहीं है। अगर आप, किसी विशेषज्ञ की राय नहीं लेते, तो यह समस्या गंभीर हो सकती है। इस समस्या के लिए सही उपचार की आवश्यकता होती है। अगर आपका बच्चा भी अलगाव से पीड़ित है, तो हम आपको सलाह देते हैं कि अपने बच्चे के इलाज में किसी तरह की लापरवाही न बरतें।

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