
- 100% हर्बल होने के कारण इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं।
- इसे बनाने में प्राकृतिक तत्वों जैसे निर्गुन्डी, एलोवेरा, बादाम का तेल, मंजिष्ठ का इस्तेमाल किया गया है।
- सभी हानिकारक रसायनों और सिंथेटिक रंगों से मुक्त है।
- आसानी से त्वचा में अवशोषित हो जाती है।
- क्रीम की सुगंध बहुत ही हल्की है, इसलिए शिशु को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती।
- कीमत भी एकदम सही है।
- पैकिंग पारदर्शी नहीं है।
डायपर रैशेस एक ऐसी समस्या है, जिसका सामना हर उस माता-पिता को करना पड़ता है, जो अपने बच्चे के लिए डायपर का इस्तेमाल करते हैं। कई बार डायपर शिशु की त्वचा के अनुकूल नहीं बैठता और कई बार माता-पिता ही बच्चे का गीला डायपर निर्धारित अवधी से पहले नहीं बदलते। दोनों ही हालातों में, परेशानी बच्चे को ही झेलनी पड़ती है। शायद वयस्कों के लिए डायपर रैश कोई बड़ी समस्या न हो, पर बच्चों के लिए यह बहुत पीड़ाजनक होती है। बच्चों को डायपर रैश न हो, इसलिए आप कुछ घरेलु उपचार भी कर सकते हैं। इस विषय में हम पहले ही लिख चुके हैं। इसके अलावा, बाजार में डायपर रैश क्रीम के कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिनका इस्तेमाल करके आप बच्चे को इस समस्या से बचा सकते हैं। इससे पहले हम पतंजलि शिशु केयर डायपर रैश क्रीम की समीक्षा कर चुके हैं। इसी श्रृंखला को जारी रखते हुए, आज हम हिमालया डायपर रैश क्रीम की समीक्षा करेंगे।
चीजे जो मुझे हिमालया डायपर रैश क्रीम में अच्छी लगी
पैकिंग
की पैकिंग को बहुत ही साधारण रखा गया है। सफेद और हल्के जामुनी रंग में, यह बहुत ही आकर्षक लगती है।
इस डायपर रैश क्रीम की पैकिंग पर आपको हर वह जानकारी मिल जाएगी, जो इसको खरीदने से पहले आपको चाहिए।

सामने की ओर, बाईं तरफ आपको हिमालया का लोगो मिल जाएगा और ठीक उसके आगे कंपनी द्वारा रैशेस को पूरी तरह से ठीक करने का दावा।

सामने की ओर, दाईं तरफ आपको हिमालया शिशु केयर का लोगो मिल जाएगा। इसके साथ ही इस रैश क्रीम के पैराबेन्स, मिनरल आयल और सिंथेटिक रंगों से मुक्त होने के बारे में जानकारी।

पैकिंग के नीचे, आपको इसकी वैधता और कीमत की जानकारी मिल जाएगा।

दो अलग-अलग पैकिंगों में उपलब्ध
हिमालया डायपर रैश क्रीम दो अलग-अलग पैकिंगों में उपलब्ध है – 20 ग्राम और 50 ग्राम। आप अपनी जरूरत के हिसाब से इसे खरीद सकते हैं।
पैकिंग के अंदर आपको क्रीम की एक ट्यूब मिलेगी।

इस ट्यूब पर भी, बाहरी पैकिंग की तरह, आपको वही सब जानकारियां मिलेंगी। उत्पाद में कोई मिलावट या खराबी न हो, इस वजह से ट्यूब को सील बंद किया जाता है।

क्रीम को इस्तेमाल करने के लिए, आपको इस सील कवर को हटाना होता है।

जरूर पढ़े – पतंजलि शिशु केयर डायपर रैश क्रीम – इस्तेमाल के बाद समीक्षा
इस्तेमाल की गई सामग्री
जैसा मैंने आपको बताया कि इसकी पैकिंग पर आपको इस क्रीम में इस्तेमाल होने वाली हर चीज के बारे में जानकारी मिल जाएगी।

पैकिंग के ठीक ऊपर, इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें जैसे निर्गुन्डी, एलोवेरा, बादाम का तेल, मंजिष्ठा और यशद भस्म के बारे में जानकारी दी गई है।
- निर्गुन्डी – यह रैशेस से होने वाले दर्द को शांत करने के लिए मददगार होती है।
- एलोवेरा – इससे संवेदनशील त्वचा को आराम मिलता है।
- बादाम का तेल – यह त्वचा को मुलायम बनाए रखने में मदद करता है।
- मंजिष्ठा – मंजिष्ठा को चेहरे के दाग धब्बे, दाद, खाज, खुजली, त्वचा के लाल होने जैसी समस्याओं के लिए सबसे बेहतर उपाय माना जाता है।
- यशद भस्म – इसका इस्तेमाल शिशुओं को होने वाले डायपर रैशेस को ठीक करने में किया जाता है।
आपकी जानकारी के लिए बताना चाहूंगी कि में वह सभी चीजें हैं, जो डायपर रैशेस के उपचार के लिए अत्यंत जरूरी है।
सबसे बढ़िया बात यह है कि हिमालया डायपर रैश क्रीम आयुर्वेदिक है, तो इसमें किसी हानिकारक रसायन के होना का सवाल ही पैदा नहीं होता।
बनावट
हिमालया डायपर रैश क्रीम की बनावट बहुत ही बढ़िया है।

इससे पहले मैंने जिस डायपर रैश क्रीम का इस्तेमाल किया था, वह थोड़ी सी शुष्क थी और त्वचा पर लगाने के बाद जम जाती थी। लेकिन, में मैंने ऐसा कुछ महसूस नहीं किया।

क्रीम बहुत ही मुलायम है।

सबसे बढ़िया बात यह है कि इस क्रीम के कण नहीं बनते।

यह त्वचा में पूरी तरह से अवशोषित हो जाती है।
क्रीम की खुशबू बहुत ही हल्की है
हम पहले भी अपने कई लेखों में कह चुके हैं कि किसी तरह की भी तेज गंध छोटे बच्चों को परेशान कर सकती है। इसलिए आपको ऐसे किसी भी उत्पाद को इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जो बहुत तेज गंध वाला हो।
की महक बहुत ही हल्की है। इसको लगाने से बच्चे को किसी किस्म की परेशानी नहीं होती। वैसे भी आयुर्वेदिक उत्पादों में किसी भी कृत्रिम खुशबु को नहीं मिलाया जाता। इसलिए आप इस क्रीम को बेफिक्र होकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसके इस्तेमाल से त्वचा काली नहीं होती
कई माता-पिता डायपर रैश क्रीम लगाने के बाद बच्चे की त्वचा के काली होने की शिकायत करते हैं। यह बहुत ही दुःखद होता है। छोटे बच्चों की त्वचा वैसे भी बहुत नरम और सवेंदनशील होती। ऐसे में किसी गलत कॉस्मेटिक के इस्तेमाल से त्वचा को होने वाले नुकसान की संभावनाएं और बढ़ जाती है।
लेकिन, के मामले में ऐसा कुछ नहीं है। यह क्रीम पूरी तरह से आयुर्वेदिक है अर्थात सभी हानिकारक रसायनों से मुक्त है। इसलिए, आपके शिशु की त्वचा को कोई नुकसान नहीं पहुँचता।
जरूर पढ़े – डायपर रैशेस से बचने के कुछ घरेलू उपाय
प्रभावशीलता
कुछ समय पूर्व, मेरे पसंदीदा डायपर की उपलब्धता न होने के कारण, मैंने एक अन्य ब्रांड के डायपर का इस्तेमाल किया था। इस डायपर की वजह से मेरे शिशु को हल्के रैशेस हो गए थे। मैंने, कुछ घरेलु उपचार भी किए। लेकिन, फिर मेरी एक दोस्त ने मुझे के बारे बताया।
हिमालया डायपर रैश क्रीम ने न केवल मात्र 24 घंटों में रैशेस को कम किया, बल्कि इसमें उपस्थित निर्गुन्डी और यसद भस्म के कारण, मेरे शिशु को रैशेस की वजह से होने वाले दर्द से भी राहत मिल गई। मैंने इस क्रीम को 2-3 दिन तक लगाया और पाया कि रैशेस पूरी तरह से ठीक हो गए थे।
कीमत सही है
20 ग्राम हिमालया डायपर रैश क्रीम की कीमत 60 रुपये के करीब है।
क्या आप जानते हैं कि बाजार में उपलब्ध अन्य डायपर रैश क्रीम के लिए आपको कम-से-कम 150 रुपये तक देने पड़ सकते हैं। ऐसे में, अगर आपको यह क्रीम दिन में चार बार लगानी हो, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह आपको कितनी महंगी पड़ने वाली है। एक महंगे ब्रांड की डायपर रैश क्रीम खरीदना निश्चित रूप से आपके मासिक बजट को भी प्रभावित करता है।
लेकिन, के मामले में, आप बहुत बड़ी बचत कर सकते हैं।
चीजे जो मुझे हिमालया डायपर रैश क्रीम में अच्छी नहीं लगी
पैकिंग पारदर्शी नहीं है
इसकी पैकिंग पारदर्शी नहीं है अर्थात आप ट्यूब देखकर अंदाजा नहीं लगा सकता कि पैकिंग में कितनी क्रीम शेष रह गई है। इसलिए आपको पता ही नहीं चलता कि उत्पाद कब खत्म होने वाला है।
ज़रूर पढ़े – पैम्पर्स बेबी ड्राई पैन्ट्स – इस्तेमाल के बाद समीक्षा
डायपर रैश से बेहतर परिणाम पाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें
- अगर आप
से बेहतर परिणाम चाहती हैं, तो इसे लगाने के तुरंत बाद डायपर न पहनाएं। क्रीम लगाने के बाद कुछ देर के लिए क्रीम को सूखने दें और फिर डायपर पहनाएं।
- शिशु के डायपर को बदलने से, हम सभी शिशु की त्वचा को गीले कपड़े या वाइप से साफ करते हैं और फिर उसे सूखे कपड़े से पोंछते हैं। ऐसे में, शिशु की त्वचा का रुखा हो जाना स्वाभाविक है। इसलिए, हम सुझाव देते हैं कि डायपर रैश क्रीम लगाने से पहले, डायपर की जगह पर कोई मॉइस्चराइजर लगाएं और क्रीम लगाने से पहले उसे सूखने दें।
- डायपर रैशेस का सबसे बड़ा कारण शिशु की त्वचा का ज्यादा समय के लिए गीला या नम रहना है। इसलिए, आपको चाहिए कि हर 2 से 3 घंटे के बाद शिशु का डायपर बदलते रहें।
अंत में, मैं कहना चाहूंगी कि हिमालया डायपर रैश क्रीम के साथ मेरा अनुभव सकारात्मक रहा। मुझे इस क्रीम की सिफारिश करने में कोई समस्या नहीं है।
हिमालया डायपर रैश क्रीम पर बेहतरीन डील
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