छोटे बच्चों द्वारा बिस्तर पर पेशाब करने के कारणों और घरेलु उपचारों के बारे में जानकारी

2058
User Rating
(0 reviews)
READ BY
Reasons behind bed wetting and solutions
Reasons behind bed wetting and solutions
Photo Credit: Bigstockphoto
Simranjit Kaur

Simranjit Kaur

Mother of one, Master of Education with specialization in child-psychology. After becoming mother, I met with real me. I am now learning new concepts of parenting every fresh day and sharing my experiences with other mothers. I believe, one of the most important things that you, as a parent, should work on is - your child's psychology. Understanding the child-psychology will help you build stronger bonds and know them better.

Read this article in English
यह लेख English में पढ़ें।

नींद में बिस्तर पर पेशाब करना बहुत ही आम समस्या है। ऐसे में, निराशा और क्रोध के अलावा, आप उन माता-पिता से और क्या उम्मीद करते हैं जिन्हें हर दूसरी सुबह गीले बिस्तरों से निपटना पड़ता है।

लेकिन, ऐसी स्थिति में आपका इस तरह से बर्ताव चीजों को और बिगाड़ता है। आपको समझना चाहिए कि आपका बच्चा ऐसे मर्जी से नहीं करता बल्कि इसके कुछ कारण हो सकते हैं जैसे कि अविकसित मूत्राशय, अत्यधिक मूत्र उत्पादन, मूत्र पथ संक्रमण, तनाव, पुरानी कब्ज या हार्मोनल असंतुलन, इत्यादि।

जरूर पढ़े – बच्चों को कब्ज़ क्यों होती है और इसके कौन-कौन से लक्षण है

इस लेख में, मैं आपको बच्चे के बिस्तर पर पेशाब करने के कारणों और घरेलु उपचारों के बारे में बताउंगी।

बच्चे के बिस्तर पर पेशाब करने के कारण
  1. बच्चे की गहरी नींद की वजह से उसे भरे मूत्राशय के संकेत को समझने में परेशानी आना।
  2. बच्चे का अभी तक पूर्ण मूत्राशय नियंत्रण अर्थात मूत्र को रोके रखने की क्षमता का विकसित न होना
  3. रात के समय मूत्र का ज्यादा बनना।
  4. बच्चे की कब्ज के कारण आंत द्वारा मूत्राशय पर डाले जाने वाला दबाव।
  5. तनावपूर्ण परिस्थितियां, विशेष रूप से पारिवारिक परिवर्तन जैसे कि किसी नवजात शिशु का जन्म, तलाक, रिहाइश का बदलना, बच्चे पर नैतिक अधिभार इत्यादि।
  6. परिवार में इस समस्या का इतिहास होना अर्थात माता-पिता में किसी एक को या दोनों में इस समस्या का होना। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर माता-पिता में से कोई एक इस समस्या से पीड़ित था, तो बच्चे के इस समस्या से पीड़ित होने की 45% संभावना है। अगर माता-पिता दोनों इस समस्या से पीड़ित थे, तो बच्चे के इस समस्या से पीड़ित होने की संभावना 75% हो जाती है।
  7. बच्चे के सोने से पहले अत्यधिक पेय पदार्थ, खासतौर पर कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का सेवन करना।
  8. बच्चे के मूत्राशय का सामान्य से छोटा होना।

अगर आपका शिशु 6 साल से कम उम्र का है, तो आपको चिंतित होने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर शिशु 6 साल से ज्यादा उम्र का है, तो आपको किसी अच्छे डॉक्टर से जरूर मिल लेना चाहिए क्योंकि इस उम्र के बाद बच्चे का बिस्तर पर पेशाब करना सामान्य नहीं होता।

बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या से उबरने में आप अपने बच्चे की मदद कैसे कर सकते हैं
  1. दालचीनी इस समस्या से उबरने के लिए सबसे सरल और अच्छे घरेलू उपचारों में से एक है। यह मसाला शरीर को गर्म रखने के लिए माना जाता है। इसलिए, आप बच्चे को सोने से पहले दालचीनी का एक टुकड़ा चबाने के लिए दें। यकीनन इससे फायदा होगा।
  2. बच्चे के बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या के लिए आंवला भी बहुत बढ़िया होता है। आंवले का पेस्ट बना लें और उसमें एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर दें। यह पेस्ट देने से बच्चों को काफी लाभ होता है।
  3. अगर हो सके, तो कुछ मिनट के लिए अपने बच्चे के पेट के निचले हिस्से की धीरे-धीरे मालिश करें।
  4. आहार में क्रैनबेरी का रस शामिल करें, जो मूत्राशय और मूत्र पथ के लिए बढ़िया होता है।
  5. हालांकि बिस्तर से पहले बच्चे को तरल पदार्थ देने से परहेज ही करना चाहिए, लेकिन फिर भी आप बच्चे को सुलाने से एक घंटे पहले उसे ताजा ब्लूबेरी का जूस दे सकते हैं।
  6. छोटे बच्चों द्वारा बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या से बचने के लिए आप उन्हें किशमिश (चाहे नाश्ते के रूप में) इत्यादि दे सकते हैं।
  7. यदि आपका बच्चा बड़ा है, तो आप उसे मांसपेशी-मजबूती अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं जिसमें श्रोणि की मांसपेशियों को कसने जैसे अभ्यासों को कर सकते हैं। अभ्यास को दिन में तीन समय दस बार तक दोहराया जा सकता है।
  8. ऐसे स्थिति में खुद शांत रहे और पहले से ही डरे, परेशान, चिंतित, और शर्मिंदा बच्चे को और शर्मिंदा न करें।
  9. अन्य लोगों की उपस्थिति में बच्चे की इस समस्या पर चर्चा न करें
  10. कुछ समय के लिए शौचालय जाने की आवश्यकता को रोकने के लिए बच्चे को प्रोत्साहित किया जा सकता है।

अगर आपका शिशु 6 साल से कम उम्र का है, तो आपको चिंतित होने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर शिशु 6 साल से ज्यादा उम्र का है, तो आपको किसी अच्छे डॉक्टर से जरूर मिल लेना चाहिए क्योंकि इस उम्र के बाद बच्चे का बिस्तर पर पेशाब करना सामान्य नहीं होता।

अगर आपका भी कोई प्रश्न हो, तो हमारे विशेषज्ञ से पूछें।

क्या आपने भी इस समस्या का सामना किया है? क्या आपका शिशु भी बिस्तर पर पेशाब करता था? ऐसे में, आपने कौन सा उपाय किया था? इस विषय में अपना अनुभव हमारे पाठकों से जरूर सांझा करें।

Do you need more help?

क्या आपको और मदद चाहिए?

  • Write a Comment
  • Write a Review
  • Ask a Question
Mom's Cuddle Comment Policy
Be kind to others. False language, promotions, personal attacks, and spam will be removed.
Ask questions if any, by visiting Ask a Question section.
टिप्पणी करने की नीति
दूसरों के प्रति उदार रहें, अभद्र भाषा का प्रयोग ना करें और किसी भी तरह का प्रचार ना करें।
यदि कोई प्रश्न हो तो, अपना प्रश्न पूछें सेक्शन पर जाएं।
{{ reviewsOverall }} / 5 User Rating (0 reviews)
How helpful was this article?
What people say... Write your experience
क्रमबद्ध करें

सबसे पहले अपना अनुभव बाँटे।

Verified Review
{{{ review.rating_title }}}
{{{review.rating_comment | nl2br}}}

Show more
{{ pageNumber+1 }}
Write your experience

Your browser does not support images upload. Please choose a modern one

Latest Questions

Simranjit Kaur
Mother of one, Master of Education with specialization in child-psychology. After becoming mother, I met with real me. I am now learning new concepts of parenting every fresh day and sharing my experiences with other mothers. I believe, one of the most important things that you, as a parent, should work on is - your child's psychology. Understanding the child-psychology will help you build stronger bonds and know them better.