How To Teach Manners To Your Child
How To Teach Manners To Your Child
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इस लेख में

  1. माता-पिता के रूप में, एक आदर्श मॉडल बनें; अपना व्यवहार देखें।
  2. कभी भी अपने बच्चे को दूसरों के सामने अपमानित न करें।
  3. सभ्य रहें और उसे उदाहरणों के साथ चीजों को समझाने की कोशिश करें।

जब भी हम बाज़ार या शॉपिंग मॉल में किसी ऐसे बच्चे को देखते हैं, जो नियंत्रण से बाहर है और अपनी बदतमीजीओं की वजह से अपने माता-पिता को भी शर्मिंदा करवा देता है, तो हम अक्सर यही सोचते हैं कि हम अपने बच्चे को ऐसा नहीं बनने देंगे। लेकिन, पता तब ही चलता है, जब हम खुद माता-पिता बनते हैं। हम तब ही समझ पाते हैं कि बच्चों को अच्छी आदतें सिखाना माता-पिता के लिए कितना जरूरी और कितना आसान है। इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि अपने बच्चे को अच्छी आदतें कैसे सिखाएं।

ऐसा करने से पहले आपको यह समझना होगा कि हर बच्चे का स्वभाव अलग होता है और यह कह पाना मुश्किल होता है कि आपकी सभी कोशिशों के बाद भी आपका बच्चा आपकी इच्छा अनुसार बर्ताव करेगा या नहीं। लेकिन, निराश होने की बात नहीं है क्योंकि आप चाहें तो उसके स्वभाव को समय रहते बदल भी सकते हैं। कम से कम, हम कह सकते हैं कि वे हमेशा बदतमीजी नहीं करेंगे। तो आइए अब हम जानते हैं कि अपने बच्चे को अच्छी आदतें कैसे सिखाएं।

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खुद विनम्र रहें

जैसा कि हमने अपने पिछले लेख में बताया था कि बच्चे आपकी नक़ल करते हैं, तो बच्चे बिलकुल वैसा ही बर्ताव करते हैं, जैसा वह घर में देखते हैं। छोटे बच्चे उम्र की उस सीमा में होते हैं, जहाँ वह नक़ल करके ही चीजें सीखते हैं। अब अगर घर में सभी ऊँची आवाज़ में बात करने वाले होंगे, तो आप बच्चे के मृदु भाषी होने की उम्मीद नहीं कर सकते। आप, माता-पिता के रूप में, बच्चों के लिए रोल मॉडल बन जाते हैं अर्थात आप जो करते हैं, बच्चे उसे सही समझते हैं और दोहराते हैं।

ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा सही तरीके से बर्ताव करे, खासकर जब आप घर से बाहर हों, तो पहले आपको अपने बर्ताव को सुधारना होगा। यह न भूलें कि बच्चे उन आदतों को ही अपनाएंगे, जिनको वह घर में बार बार देखते हैं।

यदि आप उनके समक्ष अच्छे शिष्टाचार का उदाहरण रखते हैं, तो आप उम्मीद कर सकते हैं कि वह भी अच्छी तरह व्यवहार करेंगे। याद रहे, आप जो भी करेंगे, वह आपकी नक़ल करेंगे।

बच्चे के आत्म-सम्मान को ठेस न पहुंचाएं

मानों या न मानों, लेकिन बच्चे बहुत ही नाज़ुक होते हैं और गलती किए जाने पर वह नहीं चाहते कि उन्हें सबके सामने डांटा जाए। ऐसी गलती कभी न करें क्योंकि ऐसा करके आप उनके आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं।

ऐसा नहीं है कि गलती होने पर आपको अपने बच्चे को डांटना ही नहीं है, लेकिन उसे सार्वजनिक रूप से न डांटें अर्थात सबके सामने नहीं। यदि आपको उसे डांटना पड़े, तो बेहतर यह है कि आप उसे एक कमरे में ले जाएं और उसे (डांटें) समझाएं। याद रखें, आप जितना उसे दूसरों के सामने डांटते हैं, उतना ही वह जिद्दी होता जाता है।

आपकी इतनी सी समझदारी से आप न केवल उसको सही तरीके से समझा पाएंगे, बल्कि उसके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएंगे

बच्चे के व्यवहार को गुस्से से सुधारने की कोशिश

यह एक ऐसी गलती है, जिसे हम आमतौर पर नज़रअंदाज कर देते हैं। हमें लगता है कि बच्चों को केवल गुस्सा करके ही सुधारा जा सकता है और ऐसा करने से बच्चे के मन में हमारे लिए डर बैठेगा। ऐसा करके हमें लगता है कि हमने बच्चे का व्यवहार ठीक कर लिया है और वह भविष्य में ऐसा कुछ नहीं करेगा। लेकिन, हैरानी वाली बात यह है कि वह उसके बाद ज्यादा दुराचार करने लगता है।

जरूर पढ़े –  छोटे बच्चों के गुस्से से कैसे निपटे

ऐसे में उसकी गलती सुधारने के लिए उसे प्यार से समझाएं। उसे बताएं कि जो उसने किया है, वह स्वीकार्य नहीं है। उदाहरण के लिए अगर उसने कुछ तोड़ दिया है, तो उसे उस चीज के पास लेकर जाएं और समझाएं कि इस गलती से उसे क्या नुकसान हो सकता था।

ऐसा करके, आप अपने बच्चे को समझा पाएंगे कि वह उस चीज के टूटने से नहीं बल्कि उसके टूटने से बच्चे को होने वाले नुकसान से चिंतित हैं। विनम्रतापूर्वक समझाने से बच्चा न केवल वह आपकी बात को समझेगा, बल्कि अगली बार उसी गलती को दोहराएगा भी नहीं।

बच्चे के गुणों को प्रोत्साहित करें

यदि आपको लगता है कि बुरे व्यवहार को सुधार कर आप उसे एक बेहतर इंसान बना रहें हैं, तो बच्चे द्वारा किए गए अच्छे कामों की भी प्रशंसा करें। इतना ही नहीं, आपको हमेशा अपने बच्चे को बातचीत और गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास करना चाहिए।

अगर आपका भी कोई प्रश्न हो, तो हमारे विशेषज्ञ से पूछें।

यह उन्हें सामाजिक व्यवहार के बारे में सिखाता है जो विभिन्न परिस्थितियों में उनके काम आता है। इतना ही नहीं, जब आप अपने बच्चे को अन्य बच्चों के साथ बातचीत के लिए प्रोत्साहित करते हैं, तो आप सीधे तौर पर उसे बात करने के तरीके, दूसरों के प्रति सम्मान, खुद की बात को रखने के तरीके के बारे में बताते हैं। यकीन मानिए, आप जितना जल्दी इन अभ्यासों को शुरू कर देते हैं, उतना ही जल्दी आपका बच्चा तैयार हो जाता है।

क्या आपने भी अपने बच्चे को लेकर इस समस्या का सामना किया था? अपने बच्चे को अच्छी आदतें सिखाने के लिए आपने किन तरीकों का इस्तेमाल किया था। इस विषय में अपने सुझाव हमारे पाठकों से जरूर सांझे करें।

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