
मैं शिशु के जन्म से ही उसे डायपर पहनाने के हक में नहीं थी और मेरे इस डर के पीछे प्रमुख कारण था डायपर की वजह से होने वाले रैशेस। लेकिन थोड़े ही समय के बाद मैं यह समझ गई थी कि आज नहीं तो कल मुझे डायपर का इस्तेमाल करना ही पड़ेगा। इसी कारण मैंने डायपर से होने वाले रैशेस से बचाव के उपाय खोजने शुरू किए। इस लेख के माध्यम से, मैं आपसे डायपर रैशेस से बचने के कुछ घरेलू उपाय सांझे करुँगी।
जरूर पढ़े – नवजात शिशु के लिए पैम्पेर्स बेबी ड्राइ डायपर – इस्तेमाल करने के बाद समीक्षा
डायपर से रैशेस होने का प्रमुख कारण शिशु की नाजुक त्वचा का गीले या गंदे डायपर के सम्पर्क में ज़्यादा देर रहना होता है। शिशु की त्वचा मूत्र, शौच या किसी अन्य वजह से गीले हुए डायपर के कारण बहुत प्रभावित होती है। ऐसे में, आप नीचे दिए गए उपायों से अपने शिशु की नाजुक त्वचा को बचा सकते हैं।
- एक निर्धारित समय के बाद जितनी जल्दी हो सके, अपने शिशु का डायपर बदल दें। बाज़ार में ऐसे कई डायपर उपलब्ध हैं, जो 12 घंटों तक त्वचा को सूखा रखने का दावा करते हैं। लेकिन, इसका अर्थ यह नहीं है कि आपको डायपर बदलने के लिए 12 घंटों तक ही प्रतीक्षा करनी है। आपको समझना होगा कि आपके शिशु की त्वचा बहुत नाजुक है और इतनी देर तक गीले या गंदे डायपर में रहने से इसका प्रभावित होने स्वाभाविक है।
- जब भी आप डायपर बदलें, तो एक दम से डायपर न पहनाएं अर्थात 10 से 15 मिनट शिशु की गीली त्वचा को हवा लगने दें। ऐसा करने से पहले आपको मौसम को ध्यान में रखना होता है अर्थात उसे ठण्ड से बचाए रखना भी ज़रूरी होता है। इसलिए, उसकी टांगों को किसी कपड़े से ढक दें।
- शिशु की डाइपर वाली जगह को साफ करने के लिए अगर आप गीले वाइप्स का इस्तेमाल करती हैं, तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि नया डायपर पहनाने से पहले उसकी त्वचा पूरी तरह से सूख चुकी हो।
डायपर रैशेस से बचने के कुछ घरेलू उपाय
1नारियल का तेल
त्वचा की बेहतरी के लिए से बढ़िया कोई विकल्प नहीं है। मैंने आज तक कोई ऐसा प्राकृतिक तेल नहीं देखा, जो नारियल तेल जितना गुणकारी हो और जिसके अनगिनत फायदे हों। अगर शिशु को डायपर की वजह से रैशेस हो जाते हैं, तो
न केवल त्वचा ठीक होती है, बल्कि इसे निरंतर रूप से लगाते रहने से रैशेस जैसी समस्या दुबारा नहीं होती।
2पेट्रोलियम जेली
डायपर से होने वाले रैशेस से बचाव के लिए बहुत ही गुणकारी होती है। सबसे बढ़िया बात है कि यह घरों में आमतौर पर मिल ही जाती है। इसकी मोटाई के कारण, जब उचित सफाई और सुखाने के बाद इसे त्वचा पर लगाया जाता है, तो यह मूत्र और शौच की वजह से पैदा होने वाले रैशेस के कारकों से त्वचा को बचाने में मदद करती है।
जरूर पढ़े – पैम्पर्स बेबी ड्राई पैन्ट्स – इस्तेमाल के बाद समीक्षा
3कपड़ों से बने या पुन: इस्तेमाल होने वाले डायपर के लिए सिरका
डायपर रैशेस कपड़े से बने डायपरों की वजह से भी हो सकते हैं। इसलिए यदि आप इन डायपरों का उपयोग कर रहे हैं और आपके बच्चे को रैशेस हैं, तो इन पुनः इस्तेमाल होने वाले डायपरों के लिए का इस्तमाल करें। ऐसा करने के लिए पानी से भरी बाल्टी में आधा कप सिरका डाल कर मिला लें और कपड़ों/डायपरों को इनमें धोएं। इतना ही नहीं, आप डायपर क्षेत्र को साफ करने के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए आप एक कप पानी में एक चम्मच सिरकामिलाकर , डायपर क्षेत्र को धीरे-धीरे साफ़ कर सकते हैं।
4कॉर्नस्टार्च/कॉर्न फ्लोर अर्थात मक्की का आटा
सिरके की तरह ही आप कॉर्नस्टार्च/कॉर्न फ्लोर अर्थात मक्की के आटे को भी डायपर से होने वाले रैशेस के इलाज के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए, आप गर्म पानी में एक चम्मच मक्की का आटा मिलाकर अपने बच्चे की त्वचा को साफ कर सकते हैं। इसके अलावा, आप कपड़े से बने या पुनः इस्तेमाल होने वाले डायपरों को भी इसी पानी (पानी की बाल्टी में थोड़ा सा कॉर्नस्टार्च/कॉर्न फ्लोर अर्थात मक्की का आटा मिलाकर से धो सकते हैं। यदि आप इसे त्वचा पर उपयोग कर रहे हैं, तो डायपर पहनाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि शिशु की त्वचा पूरी तरह सेसूखी हो।
5स्तनों का दूध
स्तनों का दूध, त्वचा पर होने वाले रैशेस का एक बहुत ही बढ़िया उपचार है। आपको बस इतना करना है कि स्तन के दूध की कुछ बूंदें (मुझे पता है कि हर बूंद कितनी मूल्यवान है) प्रभावित हिस्से पर लगानी हैं और इसे सूखने के लिए कुछ समय देना है। इससे मिलने वाले परिणामों से आप हैरान हो जाएंगे।
क्या आपने भी डायपर रैशेस से बचने के लिए कुछ घरेलू उपाय किए हैं? अगर आपके पास भी इस समस्या से बचने का कोई ऐसा उपाय है, जिसके बारे में हमने नहीं बताया, तो हमारे पाठकों से ज़रूर साँझा करें।
Do you need more help?
क्या आपको और मदद चाहिए?
- Write a Comment
- Write a Review
- Ask a Question
Be kind to others. False language, promotions, personal attacks, and spam will be removed.Ask questions if any, by visiting Ask a Question section.
दूसरों के प्रति उदार रहें, अभद्र भाषा का प्रयोग ना करें और किसी भी तरह का प्रचार ना करें।
यदि कोई प्रश्न हो तो, अपना प्रश्न पूछें सेक्शन पर जाएं।
सबसे पहले अपना अनुभव बाँटे।



