
निप्पल या ब्रैस्ट पर खुजली, गर्भावस्था के बाद महिलाओं को होने वाली समस्याओं से एक है। इस समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं और इस लेख के माध्यम से हम इन्हीं कारणों पर चर्चा करेंगे।
1एक्जिमा
एक्जिमा स्तनों में खुजली पैदा करने वाली समस्याओं में से एक मानी जाती है। यह समस्या त्वचा में होती है। इससे त्वचा शुष्क, लाल रंग की और खुजली से प्रभावित दिखने लगती है।
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कुछ मामलों में, एक्जिमा की वजह से त्वचा पर दाग भी पड़ जाते हैं और कई बार तो खून तक निकलने लगता है। लेकिन, अच्छी बात यह है कि अगर त्वचा हाइड्रेटेड रखी जाए और उन लोशनों एवं शॉवर जैलों से दूर रहा जाए जिनकी वजह से त्वचा शुष्क होती है, तो इस समस्या के लक्षणों से खुद को काफी हद तक दूर रखा जा सकता है। एक्जिमा के मामले में, त्वचा विशेषज्ञ डॉक्टर भी ऐसी ही क्रीम और सामयिक स्टेरियट वाले उपचारों की सिफारिश करते हैं।
2खेलकूद या ज्यादा शारीरिक गतिविधि
निप्पल या ब्रैस्ट पर खुजली खेलकूद या अधिक शारीरिक गतिविधि करने वाली महिलाओं में ज्यादा होती है। विशेष रूप से, शारीरिक गतिविधि के दौरान, कपड़े अक्सर निपल्स को छूते हैं, जिसके परिणामस्वरूप जलन, दर्द, लाली, और त्वचा के सूखने जैसी शिकायतें होने लगती हैं।
विशेषज्ञ एंटीसेप्टिक क्रीम की सलाह तो देते ही हैं, साथ ही उन स्वच्छता से जुड़े उत्पादों के इस्तेमाल को न करने की सलाह भी देते हैं, जिनसे त्वचा शुष्क होती है।
3पेजेट रोग
निप्पल और ब्रैस्ट पर खुजली का एक अन्य कारण पेजेट रोग भी है, जो कि एक दुर्लभ प्रकार का स्तन कैंसर है। यह रोग स्तन कैंसर से निदान होने वाली 100 महिलाओं में से 2 को प्रभावित करता है और निप्पल पर होने वाले लाल धब्बे से प्रकट होता है। इसके साथ ही यह रोग आसपास के एरोएल में भी जलन या खुजली भी पैदा करता है। ज्यादातर मामलों में पेजेट रोग और एक्जिमा में फर्क कर पाना मुश्किल होता है क्योंकि दोनों के लक्षण एक जैसे ही होते हैं।
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4केमिकल रिएक्शन
कुछ ऐसे रासायनिक पदार्थ जिनसे आपकी त्वचा का सीधा संपर्क होता है, भी निप्पल या ब्रैस्ट पर खुजली के लिए जिम्मेदार हैं। उदाहरण के लिए हम जब स्नान करते हैं, तो हमारी त्वचा शैम्पू, साबुन इत्यादि के संपर्क में आती है, जिनमे रसायन होते हैं।
इसके अलावा, अधोवस्त्रों के कारण भी हमारी त्वचा इन रसायनों के सम्पर्क में आती है क्योंकि उन्हें भी रोजाना साबुन या डिटर्जेंट से धोया जाता है। इसलिए आपको सुझाव दिया जाता है कि साबुन या शैम्पू इत्यादि का इस्तेमाल करते वक़्त सावधानी बरतनी चाहिए और कपड़े धोने वाले डिटर्जेंट का चुनाव भी ध्यानपूर्वक करना चाहिए।
5गर्भावस्था
महिला के गर्भवती होने पर, उसमें हार्मोनल परिवर्तन आते हैं और वजन बढ़ने के कारण स्तन एवं निपल्स बड़े हो जाते हैं। इस कारण से इस क्षेत्रों में त्वचा फैल जाती है और खुजली होती है।
ऐसे में सुझाव यह दिया जाता है कि खुजली करने की बजाय आप किसी त्वचा विशेषज्ञ से सलाह करके, स्नान के बाद एक हाइपोलेर्जेनिक लोशन लगाएं।
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6गर्भवती और स्तनपान
स्तनपान भी निप्पल या ब्रैस्ट पर खुजली को ट्रिगर कर सकता है। आपके दूध से निकलने वाले अवशेष ठीक वैसे ही जलन एवं परेशानी पैदा करते हैं, जैसे कि लगातार स्तनपान करने या स्तनपान करते वक़्त स्तनों को काटने से होती है।
अगर खुजली के साथ-साथ आपको निप्पल क्षेत्र में दर्द, सूजन या क्रैक जैसे लक्षण दिखाई दें, तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। ये मैस्टाइटिस (स्तनों में सूजन) के लक्षण हैं, जो कि स्तनपान करवाने वाली माताएं आमतौर पर अनुभव करती है।
7माहवारी
आपने शायद देखा है कि मासिक धर्म के दौरान आपके स्तन अधिक संवेदनशील महसूस करते हैं। अन्य मासिक धर्म की समस्याओं के साथ, निप्पल या ब्रैस्ट पर खुजली के लिए भी आप अपने शरीर में हो रहे हार्मोनल परिवर्तनों को दोषी ठहरा सकते हैं।
जब हार्मोन के स्तर में उतार चढ़ाव होता है, स्तन अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। इसका मतलब है कि स्तन जलन और खुजली के लिए अधिक प्रवण हो सकता है।
अगर आपका भी कोई प्रश्न हो, तो हमारे विशेषज्ञ से पूछें।
ऐसा जरूरी नहीं है कि यह लक्षण स्तन कैंसर या स्तनों से जुड़ी किसी गंभीर समस्या की तरफ इशारा करते हैं। खुद से कोई निर्णय न लेकर, बेहतर रहेगा कि आप किसी विशेषज्ञ से मिलें क्योंकि विशेषज्ञ इन संकेतों की गंभीरता समझते हैं और समय रहते आपको इलाज बता सकते हैं। इसके अलावा, हर महीने, विशेष रूप से मासिक धर्म की अवधि के बाद, अगर आप अपने स्तनों में किसी प्रकार का बदलाव देखते हैं, तो तुरंत ही डॉक्टर से मिलें।
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