अगर आप एक स्तनपान करवाने वाली माँ हैं, तो आपको यह पता होना चाहिए कि हाथ की मदद से माँ का दूध कैसे निकाला जाता है। कई बार ऐसा होता है जब आप न तो स्तनपान करवा पाने में समर्थ होती हैं और न ही आपका बच्चा फार्मूला मिल्क स्वीकार कर रहा होता है। ऐसे समय में पंप की मदद से माँ का दूध निकालना और उसे संग्रहित करना एक अच्छा विकल्प समझा जाता है।
ऐसे में , जहाँ मैन्युअल पंप से माँ का दूध निकालना एक थका देना वाला प्रयास होता है, वही दूसरी तरफ इलेक्ट्रिक पंप बहुत ही महंगे होते हैं। इन दोनों से बेहतर उपाय होता है, हाथ की मदद से माँ का दूध निकालना और उसे संग्रहित करना। आज मैं आपको इसी प्रक्रिया के बारे में बताने का प्रयास करूंगी। इसके लिए आपको किसी उपकरण की कोई आवश्यकता नहीं होती, सिर्फ दूध को संग्रहित करने के लिए किसी कंटेनर या विशेष तौर पर बनाई गई थैली की ज़रूरत होती है।
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ध्यान रखें – कई अध्ययनों मानना है कि अगर आप तनाव में है, तो चाहे आप पंप का इस्तेमाल करें या हाथों का, दूध का उत्पादन कम होगा। इसलिए जब भी माँ का दूध निकालने के लिए पंप या हाथों का प्रयोग करें, तो तनाव मुक्त रहें।
1. हाथ की मदद से माँ का दूध निकालने की प्रक्रिया की शुरआत स्वछता से होती है। ऐसा करने से पहले अपने हाथ अच्छे से धो लें। आप यह सुनिश्चित कर लें कि आपके हाथ साफ़ और सूखे हों। इसके साथ ही जिस भी कंटेनर में आप दूध निकालने वाले हैं वह पूरी तरह से साफ़ एवं स्टिरलाइज़ हो।
2. किसी ऐसी जगह का चुनाव करें, जहाँ आप आराम से निश्चित हो कर बैठ सकें और आपको परेशान करने या ध्यान भटकाने वाला कोई न हो। जैसे ही आप सही जगह पर बैठ जाती हैं, तो अपने स्तनों को धीरे-धीरे ऊपर से नीचे की ओर मसाज देना शुरू कर दें। अपनी दाहिने हाथ की उँगलियों से अपने बाई ओर के स्तन को ऊपर से नीचे (निप्पल) की ओर दबाना शुरू करें.
3. थोड़ी देर इसी तरह से मसाज देने के बाद, अपने स्तन को अपने हाथ से इस तरह पकड़ें कि आपका अंगूठा स्तन के ऊपर हो।
4. सुनिश्चित करें कि आपकी उँगलियाँ निप्पल के नज़दीक न हों क्योंकि स्तनों में दूध निप्पलों के पास नहीं, बल्कि स्तनों के भीतर होता है।
5. अपना अंगूठा (स्तन के ऊपर) और उंगलियां (स्तन के नीचे) निप्पल के चारों और पाए जाने वाले काले घेरे के किनारों पर रखें।

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6. अब अंगूठे और उँगलियों की धीरे से दबाएं। ज़्यादा तेज़ी से न दबाएं क्योंकि ऐसे में दूध निकलने के प्रवाह से ज़्यादा ज़रूरी होता है दूध का निकलते रहना। बार-बार दबाते और छोड़ते रहें और ऐसा तब तक करते रहें, जब तक स्तन खाली न हो जाए।
7. दूध निकलने का प्रवाह बनने में काफी समय लग सकता है। अगर आप पहली बार स्तनपान करवा रही हैं, तो ध्यान रखें कि काफी मेहनत के बाद भी आपको थोड़ा सा दूध मिलने की पूरी आशंकाएं होती है।
8. अगर स्तन को एक ही दिशा में दबाते रहने से दूध आना बंद हो गया है, तो अपनी उँगलियों की दिशा थोड़ी बदल दें। स्तन में दूध के टिश्यू स्तन के भीतर फैले होते हैं और हमें उस स्थान को खोजते रहना होता है, जहाँ से हमें दूध की प्राप्ति हो सकती है।
9.अगर आपको यकीन हो गया है कि आपने एक स्तन से पूरा दूध निकाल लिया है, तो आप दूसरे स्तन पर यही प्रक्रिया दोहरा सकतें हैं।
10. शुरुआत में हाथ की मदद से माँ का दूध निकालने की प्रक्रिया काफी मेहनत और धीरज की मांग करती है। पर जैसे ही आप इस प्रक्रिया को बार-बार करके समझ लेते हैं, यह बहुत ही आसान लगने लगती है। इसको सरल बनाने के लिए आपको बार-बार इसका प्रयास करते रहना है।
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शुरुआत में, मैंने भी हाथ की मदद से माँ का दूध निकालने के लिए फिलिप अवेंट हैंड पंप का इस्तेमाल किया था। पर मैंने महसूस किया कि यह बहुत थका देने वाला होता था। जब मैंने हाथ की मदद से माँ का दूध निकालना शुरू किया, तो मुझे शरुआत में लगा कि यह प्रक्रिया मेरे लिए बिल्कुल भी नहीं है। पर मैंने अभ्यास नहीं छोड़ा और बाद में मेरे लिए यह बहुत ही सरल हो गया।
क्या आपने भी कभी हाथ की मदद से माँ का दूध निकाला है? क्या आपको भी लगता है कि यह प्रक्रिया मैन्युअल या इलेक्ट्रिक पंप से ज़्यादा बेहतर है? हमसे अपने अनुभव ज़रूर बांटें।
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