
अगर अब तक आप मिश्रित आहार के बारे में नहीं जानती, तो पहले मैं यह बताना चाहूंगी कि मिश्रित आहार क्या होता है?
मिश्रित आहार का मतलब है अपने बच्चे को स्तनपान के साथ फार्मूला दूध भी देना। इसे और आसानी से समझने के लिए मान लें कि आप दोपहर में अपने बच्चे को स्तनपान करवाती है और अगली बार शिशु के भूखा होना पर आप उसे बोतल में दूध पिलाती हैं।
मैंने अपने शिशु को उसके जन्म के कुछ हफ्ते बाद ही मिश्रित आहार देना शुरू कर दिया था। मेरा मानना है कि मैंने एक अच्छा निर्णय लिया था।
इसमें कोई संदेह नहीं है कि स्तनपान शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार है, परन्तु, फिर भी कभी-कभी आपको अपने बच्चे को फार्मूला फ़ीड देना ही पड़ता है, फिर चाहे उसका कारण आपके निप्पलों में होने वाली पीड़ा हो, आपको शिशु को किसी और की देखभाल में छोड़ना हो, आपके स्तन सही मात्रा में दूध उत्पन नहीं कर पा रहे है, या आपको ब्रेक की आवश्यकता हो।
भले ही फार्मूला दूध स्तनपान से बढ़िया नहीं होता, पर फिर भी यह बच्चो के विकास के लिए ठीक होता है। अपने बच्चे का मिश्रति आहार शुरू करने से पहले अर्थात स्तनपान के साथ फार्मूला दूध देना आरम्भ करने से पहले, कुछ महत्वपूर्ण चीज़ो का ख़ास ख्याल रखना होता है। आज मैं उसी विषय पर बात करना चाहूंगी।
सबसे पहले, यदि आप दूध की आपूर्ति की वजह से अपने शिशु को फार्मूला दूध देना चाहती है, तो ऐसा करने से पहले आपको एकबार अपने बाल रोग विशेषज्ञ से बात अवश्य करे। अधिकतर मामलों में हमें पता ही नहीं होता कि हमारा शरीर कितनी मात्रा में दूध का उत्पादन कर रहा है और अंत में स्तन के दूध की कमी की वजह से फार्मूला दूध देना आरम्भ कर देते हैं। यदि आपके स्तन सही मात्रा में दूध उत्पन नहीं कर पा रहे है, तो आपका डॉक्टर आपको स्तनपान विशेषज्ञ से मिलने की सलाह दे सकता है। परन्तु, इसके लिए आपको अपने डॉक्टर से बात जरूर करनी चाहिए।
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अब अगर हम इस बारे में सोचते हैं कि बच्चे को स्तनपान और फार्मूला दोनों ही को क्यों देने चाहिए, तो इसके बहुत से कारण हैं। यद्यपि इसमें कोई संदेह नहीं है कि फार्मूला दूध कभी भी स्तन के दूध से बढ़िया नहीं आँका जा सकता। लेकिन, कई बार ऐसी परिस्थितियां बन जाती है जो हमें शिशु को फार्मूले दूध या मिश्रित आहार देने पर मजबूर कर देती है।
अब सवाल यह है कि आपको अपने बच्चे को मिश्रित आहार क्यों देना चाहिए?
सबसे महत्वपूर्ण यह है कि यह आपको निरंतर स्तनपान कराने से होने वाली थकान से थोड़ी राहत दिलवाता है। भले ही अपने बच्चे को स्तनपान करवाने की भावना कितनी ही बढ़िया है, पर एक निर्धारित अवधि के बाद माताओं को भी उनके शिशु द्वारा निरंतर की जाने वाली स्तनों की खींचातानी से आराम चाहिए।
मिश्रित आहार का एक और बड़ा फायदा यह है कि इससे आपके बच्चे का परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एक अटूट बंधन बनेगा। जाहिर है कि जब आप अन्य सदस्यों को अपने बच्चे को दूध की बोतल पिलाने के लिए कहेंगे, तो यह बच्चे के साथ एक बंधन विकसित करने में मदद करता है।
अगर आप रात के समय सोने से पहले आपने शिशु को फार्मूला दूध देती हैं, तो यह आपके शिशु के लिए बहुत बढ़िया रहता है। एक तो इससे बच्चा रात को भूख से जगाता नहीं है और दूसरा, स्तनपान की तुलना में, फार्मूला दूध पी कर बच्चा बेहतर और अधिक देर तक सोता है।
अगर आपका शिशु मिश्रित आहार पर है तो आप उसे अन्य परिवार के सदस्यों की देखभाल में आसानी से छोड़ सकते हैं। इससे आपको अन्य काम करने में मदद मिलेगी और आप अपने पति के साथ कुछ समय व्यतीत कर पाएंगी। इसका कारण यह है कि विशेष रूप से फार्मूला आहार वाले बच्चे कुछ घंटे अपनी माता की अनुपस्थिति से विचलित नहीं होते है।
जब आप शिशु को मिश्रित आहार देती हैं, तो इसका यह मतलब कतई नहीं है कि अब आपको शिशु को स्तनपान नहीं करवाना पड़ेगा। बल्कि, आपको यह भी सुनश्चित कर लेना चाहिए कि शिशु को दोनों आहार बराबर मात्रा में मिल रहें हो। इससे आपके शिशु को दोहरा फायदा होगा। एक तरफ तो स्तनपान करने से उसकी रोग प्रतिकार शक्ति बढ़ेगी और दूसरी तरफ फार्मूला दूध से अतिरिक्त पोषण भी मिलता रहेगा। इसलिए, मिश्रति आहार को सही माना जाता है।
अगर आप अपने शिशु को कम उम्र से ही मिश्रित आहार देना शुरू कर देंगी, तो एक तो आपके बच्चे को स्तनपान की आदत नहीं होगी और दूसरी तरफ जब आपको उसे दूध की बोतल देनी पड़ेगी तो वह इससे इंकार नहीं करेगा।
अब ऊपर दी गई बातों पर विचार करते हुए, आप यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कर सकते हैं कि आपके बच्चे को बढ़िया मिश्रित आहार मिले – स्तनपान और फार्मूला दोनों?
सबसे पहले, यह समझ ले कि आपको अपने बच्चे को कितना फार्मूला या स्तनपान करवाना होता है, इसकी कोई विशेष सीमा नहीं होती। यह पूरी तरह से व्यक्तिगत पसंद है। आमतौर पर मैं अपने बच्चे को एक दिन में 2 से 3 बार फार्मूला दूध देती हूँ और 4 से 5 बार स्तनपान करवाती हूँ। और कई बार स्तनपान सिर्फ रात को ही करवाती हूँ। परन्तु, मैं दूध निकालने वाले पम्प का इस्तेमाल जरूर करती हूँ , ताकि मेरे दूध की मात्रा कम न हो। तो यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कैसे करना चाहती हैं।
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इस बात का खास धयान रखें कि आप अपने शिशु के लिए सही बोतल और निप्पल का इस्तेमाल कर रहीं हैं। अगर बोतल से दूध का प्रवाह बहुत तेज होगा, तो वह आपका शिशु भी तेज प्रवाह का आदि हो जायेगा। ऐसा भी हो सकता है कि वह स्तनपान से इंकार कर दे क्योंकि स्तनपान करते वक़्त दूध का प्रवाह तेज़ नहीं होता। इसलिए, अगर आपका बच्चा बहुत छोटा है तो उसे पेरिस्टालिक निप्पल वाली बोतल ही दें।
अंत में मैं आपसे जानना चाहूंगी कि आप अपने शिशु को कैसा आहार देती है? क्या आप विशेष रूप से स्तनपान पर ही निर्भर करती है या उसे मिश्रित आहार देती हैं? आप अपने अनुभव हमसे जरुरु बांटिए।
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