मेरे एक लड़की है जो की 23 दिन की है पिछले 5 दिनों से उसका पेट में गैस बनती है और उसके पेट फुला हुवा रहता है
iske liye bahut hi sadharan se upaye hai, iske liye – aap hamari ebook b download kar sakte hain – Free eBooks – all about new life
अपने शिशु को डकार दिलवाए
यह बहुत जरूरी और उपयोगी उपाए है। कई मौकों पर यह देखा गया है कि बच्चे को दूध पिलाने के बाद एकदम लिटा दिया जाता है। जहाँ पर माताएँ स्तनपान नही करवाती और दूध की बोतल का इस्तेमाल होता है, वहाँ पर तो बच्चो को बिस्तर पर लेटे-लेटे ही दूध दे दिया जाता है। यह एक दम ग़लत तरीका है। आपको चाहिए की दूध पिलाने के बाद आप शिशु को डकार अवश्य दिलवाए।
डकार दिलवाने के लिए अपने शिशु को अपने कंधे पर इस तरह से उठाए कि उसकी ठोड़ी आपके कंधे के एकदम उपर हो। यहाँ पर इस बात का खास ध्यान रखे कि बच्चा आपकी दाहिनी ओर है। इस तरह से उसके अंदर के हवा के गुबारे आसानी से बाहर निकल जाएँगे और उसको गैस की शिकायत नहीं होगी।
डकार दिलवाने का एक और तरीका यह भी है की बच्चे को पेट के बल लिटा दिया जाए। ऐसा करने से सारा प्रेशर उसके पेट पर आएगा और गैस बाहर निकल जाएगी। पर याद रहे कि दूध पिलाने के एकदम बाद शिशु को उल्टा नहीं लिटाना है, बल्कि कुछ देर प्रतीक्षा करना जरूरी है।
बच्चो के लिए मालिशरोज़ाना तौर पर की जाने वाली मसाज / मालिश, गैस से काफ़ी हद तक छुटकारा दिलवा सकती है। रोज़ की जाने वाले मालिश उसके शरीर को एक लचीलापन देगी और बच्चे को पेट की गैस से काफ़ी राहत देगी। इसके साथ ही उसको आप हल्की फुल्की कसरत भी करवा सकते है। अपने शिशु को पेट के बल लिटा दे और उसकी टाँगों को इस तरह से घुमाएँ जैसे साइकल चलाया जाता है। ऐसा करने पर भी उसके पेट पर प्रेशर आएगा और गैस बाहर निकल जाएगी। ऐसा करने से उन सब बेआरमियों से उसको आराम मिल जाएगा जो बदहज़मी की वजह से शिशु को झेलनी पड़ती है।
इसके अलावा, मैं हींग का और सोया बीज के पानी का इस्तेमाल करने का सुझाव नहीं दूंगी क्योंकि आपका बच्चा उस के लिए बहुत छोटा है। WHO के अनुसार, 6 महीने से पहले आपको अपने बच्चे को स्तनपान के अलावा कुछ नहीं देना चाहिए।
अगर आपका शिशु बोतल से दूध पीता है, तो बढ़िया गुणवत्ता वाले निप्पल का इस्तेमाल करें। कई बार देखा जाता है कि बोतल के निप्पल का आकार ठीक न होने की वजह से, दूध पीते वक़्त, शिशु के शरीर में हवा प्रवेश कर जाती है। यही हवा गैस का कारण बनती है। इन निप्पलों के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए हमारा यह लेख पढ़े –