6 Saal Ka Bacha Talu Se Bolne Wala Word Nahi Bol Pata. Kya Kare?

6 Saal Ka Bacha Talu Se Bolne Wala Word Nahi Bol Pata. Kya Kare?

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mera beta 6 years ka hai vo talu se bolne wala word nahi bol pata hai.

A Mother & Guide Changed status to publish नवंबर 25, 2018
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आपका प्रश्न पढ़ने के बाद, मेरे हिसाब से सबसे बढ़िया सुझाव, स्पीच थेरेपी होगा। इस थेरेपी के माध्यम से बोलने में इस्तेमाल होने वाली मांसपेशियों को मजबूत, मौखिक मोटर कौशल में वृद्धि, और भाषा की समझ में सुधार करके, बच्चे के भाषण को ठीक किया जाता है।

ज्यादातर मामलों में स्पीच थेरेपी को प्रयोग में लाया जाता है। इस थेरेपी के माध्यम से बोलने में इस्तेमाल होने वाली मांसपेशियों को मजबूत, मौखिक मोटर कौशल में वृद्धि, और भाषा की समझ में सुधार करके, बच्चे के भाषण को ठीक किया जाता है।

स्पीच थेरेपी लेने के निम्नलिखित फायदे होते हैं:
  1. जोड़बंदी (Articulation)
  2. उच्चारण (Pronunciation)
  3. प्रवाह / हकलाना (Fluency/stuttering)
  4. ध्वनि और शब्द गठन (Sound and word formation)
  5. सुनना (Listening)
  6. पिच (Pitch)
  7. भाषा और शब्दावली विकास (Language and vocabulary development)
  8. भाषण मात्रा (Speech volume)
  9. शब्दों की समझ (Word comprehension)
  10. वर्ड-ऑब्जेक्ट एसोसिएशन (Word-object association)
  11. सांस समर्थन और नियंत्रण (Breath support and control)
  12. चबाने (Chewing)
  13. निगलने (Swallowing)
  14. भाषण मांसपेशी समन्वय और ताकत (Speech muscle coordination and strength)
स्पीच थेरेपी में कुछ खास प्रकार के व्यायाम करवाए जाते हैं, जैसे कि
  1. आर्टिक्यूलेशन थेरेपी – विशिष्ट ध्वनियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए और यह समझने के लिए कि किसी शब्द के उच्चारण में मुंह का इस्तेमाल कैसे होता है।
  2. मुंह से हवा भरने वाला व्यायाम – मुंह की मांसपेशियों को प्रशिक्षित करने और सांस नियंत्रण को मजबूत करने के लिए।
  3. श्वास व्यायाम – डायाफ्राम को मजबूत करने के लिए।
  4. जबड़े का व्यायाम – जबड़े की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए।
  5. होंठों का व्यायाम – होंठों की गतिविधि पर नियंत्रण बढ़ाने के लिए।
  6. निगलने के व्यायाम – निगलने का अभ्यास करने के लिए।
  7. जीभ के व्यायाम – जीभ पर नियंत्रण के लिए।
किसी भी थेरेपी के परिणाम समय के साथ ही सामने आते हैं और यह मुख्य रूप से दो बातों पर निर्भर करते हैं
  1. बच्चे के विकार की वर्तमान स्थिति क्या है?
  2. उसे थेरेपी किस तरह दी जाती है ?

आपको यह समझना होगा कि बच्चे के पूरी तरह से ठीक होने में लगने वाले समय को तय कर पाना बहुत कठिन है क्योंकि थेरेपी से होने वाले इलाज समय लेते हैं। आपको धैर्य से काम लेना चाहिए और अगर मुमकिन हो, कुछ थेरेपी घर पर भी करवानी चाहिए।

इसलिए, हमारा आपसे निवेदन है कि किसी स्पीच थेरेपिस्ट से जरूर मिलें।

A Mother & Guide Changed status to publish नवंबर 28, 2018
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